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‘समस्याओं के निस्तारण नहीं हुआ तो नहीं करेंगे धान कुटाई’

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‘समस्याओं के निस्तारण नहीं हुआ तो नहीं करेंगे धान कुटाई’
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- विभिन्न मांगों को लेकर उत्तर-प्रदेश राईस मिलर्स एसोशिएशन की हुई बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। उत्तर-प्रदेश राईस मिलर्स एसोशिएशन की शनिवार को एक होटल में बैठक हुई। जिसमें समस्याओं पर चर्चा की गई। निर्णय लिया गया कि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो इस साल धान की कुटाई नहीं करेंगे।
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प्रदेश अध्यक्ष उमेश चन्द्र मिश्र ने कहा कि चावल उद्योग प्रदेश में बदहाली की अवस्था तथा घाटे में चल रहा है। नौ सूत्रीय मांगों को सरकार व प्रशासन को प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में भेजा गया है। जिसमें खरीफ सीजन में क्रय केन्द्रों पर जो धान खरीदा जाता है, उसमें 58 से 60 प्रतिशत तक ही चावल की रिकवरी आती हैं। जबकि मिलर्स 67 प्रतिशत रिकवरी की वसूली की जाती है। मांग है कि रिकवरी 67 से घटाकर 58-60 प्रतिशत की जाए। राईस मिलर्स रानू सिंह ने कहा कि मिलर्स पर सरकारी बकाया अगर रह जाता हैं तो मिलर्स से अर्थदंड, होल्डिंग चार्ज व सीएमआर पर सरकार ब्याज लेती हैं जिसे बंद किया जाए। बैठक में मंडल अध्यक्ष जीपी सिंह, जिलाध्यक्ष जितेंद्र प्रताप ऊर्फ रिंकू सिंह, रानू सिंह आदि मौजूद रहे।
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