बस्ती। शहर की पॉश कॉलोनी में शुमार आवास विकास कॉलोनी में मौलिक सुविधाएं बदहाल हैं। यहां न तो गंदा पानी निकलने की कोई व्यवस्था है और न ही साफ-सफाई का बेहतर इंतजाम। वार्ड की टूटी सड़कें जिम्मेदारों को आईना भी दिखा रहीं हैं। बावजूद इसके स्थित जस की तस है।
आवास विकास कॉलोनी की आबादी लगभग छह हजार के करीब है। यहां कुल 3497 मतदाता हैं। इतनी आबादी पर महज 10 सफाई कर्मी हैं जिन पर पूरी कॉलोनी को लकदक रखने की जिम्मेदारी है। यही कारण है कि इधर-उधर कूड़े के ढेर दिखते हैं। वार्ड में मनोरंजन के नाम पर महज एक पार्क है। इसके सुंदरीकरण का काम महीनों से ठप पड़ा है। बच्चे गलियों में धमा-चौकड़ी मचा रहे हैं। वरिष्ठ नागरिक परशुराम दुबे ने बताया कि पहले से तो बेहतर स्थिति है। सभासद वार्ड में दिखते तो हैं। कहते हैं कि नाली संकरी होने की वजह से ठीक से गंदे पानी की निकासी नहीं हो पाती है। इसी के साथ ही समय पर फॉगिंग भी नहीं होती है। विकास त्रिपाठी ने बताया कि नियमित सफाई नहीं होती है और बरसात के दिनों में ज्यादा दिक्कत होती हैं। कहते हैं कि वार्ड में बहुत से जगहों की इंटरलॉकिग टूट गई है। शशि श्रीवास्तव कहती हैं कि नालियों पर ढक्कन न होने की वजह से दुर्गंध उठती है, जिसके चलते जीना मुहाल हो रहा है। बहुत से लोग ऐसे हैं जो शौचालयों का गंदा पानी नालियों में छोड़ दिया है। इन लोगों की वजह से बाकी लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। मायावती त्रिपाठी कहती हैं कि वार्ड में बच्चों के खेलने के लिए कोई बेहतर जगह नहीं है। बताती हैं कि पार्क में कई महीनों से काम चल रहा है, न जाने कब बनेगा। इस संबंध में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी डॉ मणिभूषण त्रिपाठी कहते हैं कि सफाई नायकों को सख्त हिदायत दी गई है। इसी के साथ ही वार्डों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाता है। जल्द ही लोगों को टूटी सड़कों सहित अन्य समस्या से निजात मिलेगी।
अतिक्रमण के चलते समाप्त हो गईं पटरियां
सल्टौआ। बस्ती-डुमरियागंज मार्ग पर अतिक्रमण के चलते पटरियों का अस्तित्व समाप्त हो रहा है। इससे आयेदिन लोग दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं। इसे रोकने में प्रशासनिक तंत्र फेल है। ऐसे में अतिक्रमणकारी पटरियों पर कब्जा करते जा रहे हैं। क्षेत्र के बरगदवा गांव के निकट ईंट भट्ठा के पास सड़क के किनारे ईंट के टुकड़ों को रख दिया गया है, बड़े वाहनों के आने से बाइक से आने जाने वाले लोग ईंट के टुकड़ों के फंसकर चोटिल हो जाते हैं। इसी मार्ग पर बेलहरा गांव के पास चौराहे पर बालू के ढेर रख देने से आएदिन यहां पटरी पर उतरते ही बाइक सवार गिरकर घायल हो जाते हैं। यही हाल ब्लॉक रोड सल्टौआ का है। यहां ऑटो वाले सड़क के मोड़ पर खड़ाकर घंटों सवारी का इंतजार करते हैं, जिससे आवागमन में बाधा आती है। एसडीएम भानपुर राजेश कुमार सिंह ने कहा कि पटरियों पर स्थायी या अस्थायी अतिक्रमण करने का अधिकार किसी को नहीं है। अभियान चलाकर इसे हटाया जाएगा। जरूरत पड़ी तो संबंधितों पर कार्रवाई भी होगी।