शहरियों को सड़कों के उद्धार का इंतजार
- मालवीय मार्ग व रेलवे स्टेशन रोड पर गड्ढों में सड़क
- बारिश के बाद सड़क को दुरुस्त कराने का दावा कर रहा पालिका
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। शासन का अभियान है गड्ढा मुक्ति का, मगर अपने शहर में कोई सड़क ऐसी नहीं जो गड्ढों में तब्दील न हुई हो। इसका कारण चाहे जो भी हो, मगर शहरी इन सड़कों पर यात्रा का दर्द झेल रहे हैं। कभी गाड़ियों के खराब होने की तो कभी गिरकर घायल होने की। उन्हें इन सड़कों के उद्धार का करीब चार माह से इंतजार है। कुछ सड़क तो ऐसी हो गई हैं कि लोग वहां से आने जाने से कतराने लगे हैं।
शहर की महत्वपूर्ण सड़क मालवीय मार्ग में करीब तीन किमी तक गड्ढों में तब्दील है। रौता चौराहे से रोडवेज की ओर जाने पर तो एक मैरिज हाल के सामने दोनों ओर की सड़क पूरी तरह खराब हो चुकी है। यहां बड़े-बड़े गड्ढे दिखाई देते हैं। बारिश होने पर यहां आवागमन जानलेवा हो जाता है। इसी प्रकार रेलवे स्टेशन की सड़क की भी दशा खराब है। यहां की सड़क पर तो कई जगह पानी जमा है, जिससे यात्रा कठिन हो गई है। गड्ढे भी लोगों का दर्द बढ़ा रहे हैं।
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इन्होंने बताई व्यथा
शहर के गांधी नगर निवासी महेंद्र यादव कहते हैं कि मालवीय मार्ग का रास्ता ही छोड़ दिए हैं। इसका कारण यह कि सड़क से गुजरने में डर लगता है कि कहीं कोई दुर्घटना न हो जाए। कहा कि सरकार की गड्ढा मुक्ति का सच यहां दिखाई देगा।
व्यवसायी आशुतोष दूबे कहते हैं कि मालवीय मार्ग ही नहीं एकाध सड़क को छोड़ दिया जाए तो शहर में कोई ऐसा मार्ग नहीं है जिस पर चला जा सके, मगर जिम्मेदार कान में तेल डाले बैठे हैं। आम जनता की सुनने वाला कोई नहीं है।
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बोले ईओ
नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी अखिलेश त्रिपाठी ने कहा कि सड़कें खराब हैं। यह संज्ञान में है। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। इन सड़कों को दुरुस्त करा दिया जाएगा। अस्थायी रूप से गड्ढों में मिट्टी व गिट्टी डलवा दी गई है।