शहर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
बस्ती। जिले के नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) व नागरिकता प्रमाण पत्र (एनआरसी) को लेकर शुक्रवार का दिन अमन-ओ-चैन के माहौल में गुजरा।
कड़ी चौकसी के बीच जुमे की नमाज अदा की गई। नमाज के बाद कुछ जगह जुलूस निकालने की कोशिश की गई। मगर पुलिस-प्रशासन की रणनीति के आगे वे कामयाब नहीं हो सके। इस दौरान राष्ट्रगान गाते हुए कुछ लोगों ने भारत माता की जय के नारे के बीच विरोध प्रदर्शन किया। मौके पर मौजूद डीएम और एसपी को ज्ञापन सौंपा गया। स्वयंसेवी संस्था अंजुमन रजा-ए-मुस्तफा की तरफ से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में सीएए और एनआरसी को वापस लेने के अलावा पुलिस व अन्य सुरक्षा बलों का छात्रों, खासकर मुस्लिम समुदाय पर कथित तौर पर की जा रही बर्बरता रोकने की मांग की गई है। प्रबंधक जीएम खान, अयूब अहमद, ओबैदुर्रहमान, सद्दाम आदि ने ज्ञापन सौंपते समय आश्वस्त किया कि वे आपसी सौहार्द कायम रखने में तत्पर हैं। एहतियातन देर शाम तक प्रमुख स्थलों पर चौकसी बनी रही।
शुक्रवार को जुमे की नमाज की वजह से प्रशासन ने पहले से ही पुख्ता इंतजाम कर रखा था। शहर से लेकर कस्बों व ग्रामीण क्षेत्रों की मस्जिदों के अलावा अन्य धार्मिक स्थलों पर रात से ही पुलिस तैनात हो गई थी। दारूल उलूम, जामा मस्जिद आदि प्रमुख स्थलों पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
कमिश्नर अनिल सागर, आईजी आशुतोष कुमार, डीएम आशुतोष निरंजन और एसपी हेमराज मीणा ने गांधीनगर जामा मस्जिद के पास जाकर मंजिल पर मोहल्ले के लोगों के साथ चाय पर चर्चा की। काफी संख्या में पहुंचे लोगों ने खुलकर अपनी बात अधिकारियों के सामने रखी। कमिश्नर, आईजी, डीएम, एसपी ने समुचित उत्तर देकर उन्हें संतुष्ट किया। जिससे नमाज के पहले बेहतर सकारात्मक माहौल कायम हुआ। प्रशासन का मनोविज्ञान दबाव काम आया। अंजुमन रजा-ए-मुस्तफा संस्था की तरफ से दिए गए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में कहा गया है कि लोकसभा के दोनों सदनों में सांसदों ने दोनों कानून को लेकर आशंका जताई है। मगर सारी बातों को दरकिनार कर बिल पास करवा लिया गया। इसके विरोध में प्रदर्शन को दमनात्मक शैली में दबाया जा रहा है। यह कानून देश की धर्म निरपेक्ष छवि को छति पहुंचाने वाला है, इसलिए इसे वापस लिया जाए। कहा गया है कि यह केवल मुस्लिमों को नहीं बल्कि पूरे देश के नागरिकों से जुड़ा मुद्दा है। आशंका थी कि नमाज के बाद जुलूस के दौरान अराजकतत्व खुराफात कर सकते हैं। इसे रोकने के लिए तैयार रणनीति के तहत डीएम,एसपी और एडीएम-एएसपी की टीम गांधीनगर दरिया खां मोड़, जामा मस्जिद बाकर मंजिल आदि पर पहुंच गए। नमाज बाद निकलेन नमाजियों का हुजूम एक बार गांधीनगर पक्के बाजार, दक्षिण दरवाजा और पुरानी बस्ती क्षेत्र से जुलूस निकालने के लिए मचले मगर प्रशासन व पुलिस की सूझबूझ के कारण उन्हें समूह में सड़क पर आने से रोक लिया गया।