न्यायालय गेट पर प्रदर्शन करते अधिवक्ता।
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न्यायिक कार्य से विरत रह अधिवक्ताओं ने किया प्रदर्शन
बस्ती। अधिवक्ता योगेश्वर तिवारी उर्फ आदर्श की मौत के मामले में एफआईआर की मांग करते हुए अधिवक्ता कार्य से विरत रहकर प्रदर्शन किया। संयुक्त बार के आह्वान पर आंदोलित अधिवक्ता प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां डीएम आशुतोष निरंजन के सामने मांग रखी। इस पर डीएम ने एसपी को बुलाकर अधिवक्ता संघों के पदाधिकारियों से वार्ता कराई। एसपी ने तत्काल एफआईआर कराने का आश्वासन दिया।
अधिवक्ता योगेश्वर तिवारी की मौत 12 दिसंबर को हुई। उनका शव गौर रेलवे स्टेशन के ट्रैक पर बरामद हुआ था। अधिवक्ता उनकी मौत को हत्या करार दे रहे हैं। इसे लेकर एक बार अधिवक्ता संगठनों का प्रतिनिधि मंडल एएसपी से मिलकर मुकदमा दर्ज कराने की बात रख चुका है, मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। नतीजतन सोमवार से अधिवक्ता कार्य से विरत रहकर आंदोलन कर रहे थे। बृहस्पतिवार को संयुक्त बार संगठनों के आह्वान पर अधिवक्ता दीवानी न्यायालय के गेट नंबर दो पर एकत्रित हुए और यहां से नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। इसके बाद डीएम ने अधिवक्ता संगठनों के पदाधिकारियों को बुलाकर एसपी से बातचीत कराई, जहां मांग मान ली गई। इसके बाद डीएम ने अधिवक्ताओं से कार्य बहिष्कार वापस लेने की बात रखी, जिसे पदाधिकारी मान गए।
इस मौके पर सिविल बार के अध्यक्ष रमाशंकर पांडेय, महामंत्री अविनाश तिवारी, जनपद बार के अध्यक्ष जवाहर लाल मिश्र, मंत्री रवि शरण सिंह, यंग बार के अध्यक्ष भानु प्रताप शुक्ल व मंत्री शेषनाथ पाठक, कमिश्नर बार के अध्यक्ष टीएन लाल, राजेंद्र शुक्ल, मारुत कुमार शुक्ल, राम पाल यादव आदि मौजूद रहे।