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Basti News: मरीजों से भर गई जिला अस्पताल की ओपीडी, इमरजेंसी भी फुल

Sat, 17 Aug 2024 11:27 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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बस्ती। जिला अस्पताल में आईएमए समेत अन्य चिकित्सक संगठनों के आह्वान पर सभी डॉक्टरों ने हाथ काली पट्टी बांधकर काम किया। यहां ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक मरीजों की संख्या में दोगुना से अधिक देखी गई। मेडिकल कॉलेज में हड़ताल के चलते मरीजों का भार अचानक यहां बढ़ा है। रजिस्ट्रेशन कक्ष में एक साथ संचालित चार काउंटरों पर पर्चा कटाने के लिए मरीज और तीमारदारों की लंबी लाइन लगी रही।
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सुबह 11 बजे तक ही 350 से अधिक पर्चे कट चुके थे। ओपीडी में फिजिशियन कक्ष, चर्म रोग विभाग, बाल रोग विशेषज्ञ कक्ष, ईएनटी कक्ष, आर्थोपैडिक कक्ष के बाहर मरीज और तीमारदारों की ठसाठस भीड़ थी। चर्म रोग विशेषज्ञ औबेदुर्रहमान ने बताया कि 11:10 बजे तक 60 मरीजों को देखा जा चुका है। आर्थो कक्ष में चिकित्सक अनिल प्रजापति ने बताया कि सामान्य दिनों की अपेक्षा आज दोगुने मरीज पहुंचे हैं। 110 मरीज देखे जा चुके हैं। जबकि अभी 100 मरीज और देखे जाएंगे।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. रामजी सोनी के कक्ष के बाहर भी मरीजों की भीड़ रही। लेकिन, इस दौरान उन्हें इमरजेंसी में बुला लिया गया था।वहां 40 मरीजों को भर्ती करना पड़ा। डॉ. सोनी ने मरीजों का आवश्यक उपचार किया। इसके बाद ओपीडी संभाली।ओपीडी में मुंडेरवा से आई दुर्गावती ने बताया कि वह एक निजी अस्पताल में हड्डी के डॉक्टर को दिखाती है। मगर वहां हड़ताल होने की वजह से जिला अस्पताल आना पड़ा। जबकि रुधौली से आए तेज राम ने बताया कि उनके कान में दर्द है। प्राइवेट अस्पताल में मरीज न देखे जाने से जिला अस्पताल आए हैं।
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महिला अस्पताल में स्थिति सामान्य
जिला महिला चिकित्सालय में स्थिति सामान्य रही। यहां ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक में चिकित्सीय सेवा बहाल रखी गई। हालांकि देश व्यापी हड़ताल की खबर प्रसारित होने से यहां मरीजों की संख्या कम रही। सुबह 10.30 बजे रजिस्ट्रेशन काउंटर पर केवल 10 से 15 मरीज ही पहुंचे थे। ओपीडी के एक कक्ष में चिकित्सक मौजूद रहे। इस दौरान नए पुराने मिलाकर 5 से 6 मरीज ही देखे गए थे। जबकि अन्य कक्ष में चिकित्सक नहीं पहुंचे थे। कुछ देर के बाद हड़ताल नहीं होने का पता चलने पर चिकित्सक एवं स्टॉफ मौजूद हो गए। सीएमएस डॉ. एके वर्मा ने बताया कि सरकारी चिकित्सकों को हड़ताल में शामिल होने का कोई निर्देश नहीं है। सुबह कुछ देर के लिए संशय की स्थिति रही। लेकिन, बाद में उच्चाधिकारियों से वार्ता के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई। इसलिए अस्पताल को संचालित रखा गया है। हमारे यहां सभी चिकित्सक एवं स्टॉफ ड्यूटी पर मौजूद है। रोजाना की तरह मरीज भी देखे जा रहे हैं।
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आईएमए से किया कार्य बहिष्कार
आईएसए से जुड़े सभी चिकित्सकों ने शनिवार को निजी अस्पतालों में ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार किया। जिससे निजी नर्सिंग होम में मरीज नहीं देखे गए। केवल इमरजेंसी सोवाएं बहाल रखी गई थी। इंडियन मेडिकल डेंटल एसोसिएशन और मेडिकल रिप्रजेंटेटिव एसोसिएशन ने भी आंदोलजन को समर्थन दिया। आईएमए अध्यक्ष डॉ. अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि एक दिन पहले संगठन ने ओपीडी सेवाओं के बहिष्कार का एलान कर दिया था। इसके क्रम में सभी चिकित्सकों ने आंदोलन जारी रखा। केवल इमरजेंसी सेवा में मरीजों का उपचार किया गया। असुरक्षा को लेकर देशभर के डॉक्टर एकजुट हुए हैं। सरकार को चिकित्सक, स्टॉफ नर्स एवं अन्य स्टॉफ के सुरक्षा को लेकर गंभीरता से विचार करना होगा।
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