मानक के मुताबिक जिले के अस्पतालों में चिकित्सकों की नहीं है तैनाती
- 14 सीएचसी पीएचसी पर कहीं दो तो कहीं तीन चिकित्सकों की है नियुक्ति
- 165 चिकित्सकों के सापेक्ष 109 एमबीबीएस चिकित्सकों की है तैनाती
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। चिकित्सकों की कमी की मार जिले के चिकित्सालय भी झेल रहे हैैं। यहां स्थापित चिकित्सालयों में मानक के अनुसार चिकित्सक तैनात नहीं हैं। जिससे ग्रामीण क्षेत्र में इलाज के दावे पर सवाल उठने लगा है। हालांकि सीएमओ डॉ. अनूप कुमार कहते हैं कि सभी चिकित्सालयों में मानक के अनुसार चिकित्सक न होने के बावजूद शत-प्रतिशत इलाज मिल रहा है।
उल्लेखनीय है कि जिले में कुल 14 सीएचसी व तीन पीएचसी हैं। इसके अलावा 38 अतिरिक्त पीएचसी का भी यहां संचालन हो रहा है। नियमानुसार सीएचसी पर छह एमबीबीएस चिकित्सक की तैनाती होती है, जबकि पीएचसी पर दो और अतिरिक्त पीएचसी पर एक एमबीबीएस चिकित्सक का नियतन है, मगर जिले में सीएचसी पर दो या तीन तथा पीएचसी पर एक-एक चिकित्सक तैनात हैं। हालांकि कई चिकित्सालयों पर आयुष चिकित्सक भी हैं, जो पूरी व्यवस्था संचालित कर रहे हैं। जिले में हर्रैया के महिला चिकित्सालय में दो चिकित्सक तैनात हैं, मगर चिकित्सालय में केवल कागजों में ही चिकित्सकों की तैनाती है। क्योंकि एक चिकित्सक प्रशिक्षण पर हैं तो दूसरे मुख्यालय से संबद्ध होकर अपना योगदान दे रहे हैं। यही हाल कप्तानगंज का भी है। हाईवे पर पड़ने वाले इन चिकित्सालयों में चिकित्सा व्यवस्था को लेकर अब सवाल उठने लगा है।
सीएमओ डॉ. अनूप कुमार ने कहा कि यह सही है कि जिले में 165 के स्थान पर 109 चिकित्सक तैनात हैं। यानी 56 चिकित्सकों की जरूरत अभी भी है, मगर जो व्यवस्था है, उसी में काम चलाया जा रहा है। हृदय रोग के चिकित्सक तो हैं ही नहीं। इसके लिए शासन को पत्र लिखा गया है।