मरही मंदिर को मिलेगी पर्यटक स्थल की पहचान
बहादुुरपुर (बस्ती)। सौ वर्षों से अधिक समय से आस्था का केंद्र बने मरही माता मंदिर क्षेत्र अब पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने की ओर कदम बढ़ा चुका है। महादेवा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक रवि सोनकर ने इसका प्रस्ताव जिला प्रशासन के जरिए पर्यटन विभाग को भेजा है। मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्द्धन योजना से इस स्थान के पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने से न सिर्फ यहां घरेलू पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे।
माता मरही का मंदिर बहादुरपुर ब्लॉक मुख्यालय से करीब पांच किलोमीटर दूर पवित्र मनोरमा नदी के तट पर सोधिया घाट के पास ऐलिया गांव में स्थित है। मंदिर की पौराणिकता का बयान मंदिर परिसर में लगा काफी पुराना पीपल का पेड़ करता है। मान्यता है कि माता मरही लोगों का दुख दूर कर देती हैं। क्षेत्र के लोग प्रत्येक सोमवार व शुक्रवार को समूह में दर्शन कर मन्नत मांगते हैं। मनोरमा नदी के तट पर बने इस मंदिर की ख्याति बस्ती समेत आसपास के जिलों तक है। सच्चे दरबार की जय, माता मरही की जय के गूंज प्रत्येक सोमवार व शुक्रवार को मंदिर परिसर होती है। शारदीय व वासंतिक नवरात्रि के दिनों में मंदिर पर मेले जैसा दृश्य देखने को मिलता है। इस मंदिर पर जिले के साथ ही दूसरे जिले से भी लोग दर्शन करने आते हैं।
माता ने बच्चे को स्वप्न में दिया था दर्शन
मंदिर के पुजारी महंत दुर्गा प्रसाद ओझा बताते हैं कि इस स्थान पर कभी घना जंगल हुआ करता था। इस रास्ते से रात ही नहीं दिन में भी लोग गुजरने का साहस नहीं जुटा पाते थे। करीब सौ वर्ष पहले भेड़वा गांव निवासी बालक कोइरी को मां ने स्वप्न में दर्शन देकर कहा कि वह मरही माता हैं। मेरा स्थान इस जंगल में है, जो साफ कर मेरी पूजा करेगा उसकी मनोकामना पूर्ण होगी। अगली सुबह बालक कोइरी ने जंगल साफ कर मिट्टी की पिंडी बनाकर पूजा करना शुरू किया। समय बीता और ऐलिया गांव के पुजारी राजाराम ओझा मंदिर पर मां की सेवा करना शुरू कर दिया। उनके ब्रह्मलीन होने के बाद दयाराम ओझा ने सेवा भाव का कार्य शुरू किया। उन्होंने प्रयास कर भव्य मंदिर व यज्ञशाला का निर्माण करवाया।
लोग बोले- माता मरही हमारे लिए कुलदेवी जैसी
पियारेपुर निवासी देवानंद त्रिपाठी ने बताया कि माता मरही की कृपा अनंत है। मंदिर जीर्ण हो गया था। जीर्णोद्धार कराते हुए नए मंदिर का निर्माण क्षेत्र के लोगों के सहयोग से कराया गया है। इसके पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकास होने से ख्याति और बढ़ेगी। सेमरा चीगन निवासी प्रमोद पांडेय ने कहा कि माता मरही हमारे लिए कुलदेवी जैसी हैं। उनकी कृपा निरंतर बनी रहती है। इसके पर्यटक स्थल के रूप में विकसित होने से यहां रोजगार के नए आयाम विकसित होंगे। सोनहा निवासी बालकृष्ण ओझा ने बताया कि माता मरही की महिमा का जितना भी वर्णन किया जाए कम है। पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने से न इस क्षेत्र का विकास होगा अपितु रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे जिससे युवाओं को अपने जीविकोपार्जन दूसरे प्रदेशों में नहीं जाना पड़ेगा। क्षेत्रीय विधायक रवि सोनकर ने कहा कि माता मरही मंदिर पर दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। इसके पर्यटक स्थल के रूप विकसित करने का प्रस्ताव दिया गया है। मंदिर की महत्ता अद्भुत होने के बावजूद इस क्षेत्र का समुचित विकास नहीं हो पाया है। अब इस क्षेत्र का विकास होने की उम्मीद जगी है।