जिला अस्पताल में रोज 10 से 15 मरीज आ रहे अवसाद से पीड़ित
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सतर्क रहें, कहीं आप भी नींद की कमी और नशीले पदार्थों के सेवन से अवसाद की चपेट में न आ जाएं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 10 से 15 मरीज अवसाद से पीड़ित पहुंच रहे हैं। मनोचिकित्सक की जांच में नींद की कमी, नशीले पदार्थों का सेवन, ठंड में धूप न मिलने से शरीर में विटामिन डी की कमी समेत इसके अन्य वजह सामने आ रहे हैं। सावधान रहकर बहुत हद तक अवसाद से बचा जा सकता है।
जिला अस्पताल के मनोरोग विभाग में प्रतिदिन 50 से 60 मरीज पहुंच रहे हैं। इसमें 30 फीसदी के आसपास अवसाद से ग्रसित मरीजों की संख्या देखने को मिल रही है। मनोचिकित्सक के मुताबिक, आम तौर पर ठंड में अवसाद के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। अवसाद से ग्रसित मरीजों की जांच में नींद की कमी, नशीले पदार्थों के सेवन और शरीर में विटामिन डी की कमी सामने आ रहा है। ठंंड में दिन छोटा होता है। शरीर को पर्याप्त धूप न मिलने के कारण विटामिन डी की कमी हो जाती है। इससे अवसाद बढ़ता है।
अवसाद से पीड़ित मरीज का किसी काम में मन नहीं लगता है। उदासीपन, चिड़चिड़ापन समेत अन्य लक्षण देखने को मिलते है। मनोचिकित्सकों के मुताबिक, अवसाद की शुरुआत में काउंसिलिंग से ही मरीज ठीक हो सकता है। मगर, रोग बढ़ जाने पर दवा और काउंसिलिंग दोनों की जरूरत पड़ती है। सरकार की ओर से मनोरोगियों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। मरीज कहीं पर भी हों हेल्स लाइन नंबर 14416/1800-891-4416 पर काल कर बिना नाम, पता, बताए मनोरोग के चिकित्सक से परामर्श ले सकता है। हेल्पलाइन नंबर पर आने वाले काल में मरीज का नाम, पता पूरी तरह से गोपनीय रखा जाता है।
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- सतर्क रहकर करें बचाव
परिस्थितियों से तालमेल बैठाएं।
खुद में बदलाव लाएं, मेहनत ईमानदारी से करें।
परेशानी को दूसरे से शेयर करें।
पूरी नींद लें और नशा के सेवन से बचें।
दिक्कत अधिक होने पर मनोचिकित्सक से संपर्क करें।
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ठंड में दिन छोटा होता है। धूप भी शरीर को पूरा नहीं मिल पाता। इससे विटामिन डी की शरीर में कमी हो जाती है। इससे अवसाद बढ़ता है। इन दिनों अवसाद के मरीजों की संख्या बढ़ी है। मरीजों की जांच करने पर नींद की कमी और नशीले पदार्थों का सेवन मुख्य वजह बनकर सामने आ रही है।
- डाॅ. एके दुबे, मानोरोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल