संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। गोंडा से पिकअप मे पशुओं को लादकर भाग रहे तस्कर अगर रास्ता न भटकते तो शायद पुलिस उनकी परछाईं भी नहीं छू पाई होती।
बताया जा रहा है कि गोंडा से आने के बाद बभनान से हर्रैया रूट से होकर जाने की जगह तस्करों ने वाया टिनिच का रास्ता पकड़ लिया। इतना ही नहीं, भागकर फोरलेन पकड़ने के बावजूद वे फिर भटक कर शहर के अंदर पहुंच गए। मगर, आगे रेलवे फाटक बंद मिला।
यहीं से उनकी उल्टी गिनती शुरू हुई और वापस लौटकर बमुश्किल पांच किमी दूर ही जा पाए थे कि पुलिस ने तस्करों को घेर लिया।
डीआईजी दिनेश कुमार पी. ने आते ही बताया था कि पशुओं की तस्करी को लेकर पुलिस का रवैया जीरो टॉलरेंस का होगा।
पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने इस नीति को आगे बढ़ाते हुए रात में जिले की नाकाबंदी और जांच के निर्देश दिए। इसका असर यह हुआ कि चार दिन पहले दुबौलिया के चांदपुर में पुलिस ने पीछा कर 21 पशुओं से भरा ट्रक पकड़ा। हालांकि, तस्कर भागने में कामयाब रहे।
बुधवार को आजमगढ़ का ट्रक मालिक भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। उसने पुलिस को बताया कि अपना ट्रक वह इसी काम में किराए पर दे रखा है। इसके एवज में ट्रक का किराया और तस्करी से होने वाली आमदनी में हिस्सा लेता था।
इसके अगले ही दिन बृहस्पतिवार की रात गोंडा से पशुओं को लादकर बिहार जा रहे तीनों तस्करों से पुलिस का सामना हो गया।