बस्ती। आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल तथा स्वास्थ्य उपकेंद्र के कायाकल्प योजना में सहयोग न करने वाले ग्राम प्रधानों का वित्तीय अधिकार सीज करने के निर्देश डीएम अंद्रा वामसी ने दिए हैं। डीएम ने ऐसे मामले में त्रिस्तरीय समिति गठित करने के निर्देश सभी बीडीओ को दिए हैं। डीएम मंगलवार देर शाम जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। कहा कि कायाकल्प के लिए काफी समय दिया गया है। राज्य वित्त एवं 15वें वित्त की धनराशि भी कम व्यय हुई है। उन्होने बीएचएनडी खातों में शतप्रतिशत धनराशि ट्रांसफर करने का भी निर्देश दिया है।
आयुष विभाग के कार्यो की समीक्षा करते हुए उन्होंने क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डाॅ. रमा शंकर गुप्ता का वेतन रोकने का निर्देश दिया है। इनके द्वारा बैठक में समुचित रिपोर्ट नही प्रस्तुत की गयी। लगभग 49 लाख रूपये धनराशि की उपलब्धता के बावजूद व्यय नहीं किया गया।
उन्होने सीएचसी, पीएचसी तथा स्वास्थ्य उपकेंद्रों का कायाकल्प समय से पूरा न कराने के लिए सदर, रुधौली, बनकटी, सॉऊघाट, दुबौलिया, सल्टौआ गोपालपुर के बीडीओ एवं एडीओ पंचायत का वेतन रोकने के निर्देश दिए है। डीएम ने अवशेष 50 आशा की एक सप्ताह में नियुक्ति कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। उन्होंने 12 माह तक लगने वाले टीकों में अपेक्षित प्रगति न करने पर नगरीय नोडल सचिन चौरसिया का वेतन रोकने एवं उन पर कार्रवाई के लिए शासन को लिखने के निर्देश दिए।
आभा आईडी जनरेट करने में कम प्रगति पाए जाने पर कप्तानगंज, रुधौली, विक्रमजोत के एमओआईसी का वेतन रोकने के निर्देश दिए। इसके अलावा बीएचएनएससी फंड उपलब्ध न कराने पर रुधौली, कप्तानगंज, दुबौलिया, सॉऊघाट, गौर के एमओआईसी का वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने संस्थागत प्रसव, जननी सुरक्षा योजना, महिला नसबंदी, आशाओं को विभिन्न मदों में किए जाने वाले भुगतान, ई-कवच पोर्टल, टीबी उन्मूलन, प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना आदि की समीक्षा की।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत आयुष्मान भारत के लिए शत-प्रतिशत गोल्डन कार्ड बनाने के लिए स्वास्थ्य एवं विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए। इस मौके पर सीएमओ डाॅ. रमा शंकर दुबे, एसआईसी डाॅ. एससी कौशल, एसीएमओ डाॅ. एके मिश्रा, डाॅ. पीके श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।