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Basti News: दिव्यांगों को घर पर मिल रही शिक्षा, सुनहरे भविष्य का बुन रहे सपना

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बस्ती। चलने-फिरने में असमर्थ दिव्यांग बच्चों के लिए स्कूल तक पहुंचना भले मुश्किल हो, लेकिन पढ़ाई उनके घर तक पहुंच रही है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से ऐसे बच्चों को होम बेस्ड एजुकेशन के तहत शिक्षा दी जा रही है।
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स्पेशल एजुकेटर सप्ताह में एक दिन बच्चों के घर पहुंचकर उन्हें पढ़ाते हैं। पढ़ाई की मुख्यधारा से जुड़कर ये बच्चे भी अपने बेहतर भविष्य के सपने संजो रहे हैं। कोई निजी क्षेत्र में कॅरियर बनाने की तैयारी कर रहा है तो कोई सरकारी सेवा में जाने की इच्छा रखता है। समेकित शिक्षा के तहत जिले में 4,246 दिव्यांग बच्चों को चिह्नित किया गया है।
सभी का आसपास के विद्यालयों में नामांकन कराया गया है। जो बच्चे चलने-फिरने में सक्षम हैं, वे विद्यालय जाकर पढ़ाई कर रहे हैं। वहीं, गंभीर रूप से दिव्यांग और विद्यालय तक पहुंचने में असमर्थ बच्चों के लिए होम बेस्ड एजुकेशन की व्यवस्था की गई है।
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वर्तमान में 220 ऐसे बच्चों को घर पर शिक्षा दी जा रही है। स्पेशल एजुकेटर सप्ताह में एक दिन उनके घर पहुंचते हैं और बच्चों की क्षमता के अनुसार अक्षर ज्ञान, पढ़ने-लिखने समेत जरूरी शैक्षिक गतिविधियां कराते हैं। इससे बच्चों का पढ़ाई से जुड़ाव बना हुआ है और उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है।
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विद्यालय जाने के लिए प्रोत्साहन राशि भी
दिव्यांग बच्चों को विद्यालय आने-जाने के लिए प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है। साल में एक बार दो हजार रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से दी जाती है। जिले में 376 दिव्यांग छात्राओं को इसका लाभ मिल रहा है। इसके अलावा 167 छात्र-छात्राओं को विद्यालय आने-जाने के खर्च के लिए सालाना छह हजार रुपये दिए जा रहे हैं। शिक्षा विभाग का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को उनकी शारीरिक स्थिति के अनुसार शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराना है।
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