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कार्तिक पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

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कलवारी क्षेत्र के माझाखुर्द घाट पर स्नान करते श्रद्धालु। - फोटो : BASTI
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कार्तिक पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
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सरयू, कुआनो, मनवर नदी के घाटों पर लगे मेले
बस्ती। कार्तिक पूर्णिमा पर जिले की विभिन्न नदियों में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। परंपरा के अनुसार श्रद्धालुओं ने अन्न व गोदान किया। विभिन्न स्थलों पर आयोजित मेले में लोगों ने जरूरत के सामान की खरीदारी की तो बच्चों ने मेले में मनोरंजन किया।
दुबौलिया प्रतिनिधि के मुताबिक शुक्रवार को भोर से ही क्षेत्र के शेरवा घाट, उनियार, कटरिया, टकटकवा घाट पर पहुंच कर श्रद्धालुओं ने सरयू नदी में डुबकी लगाई। बनकटी प्रतिनिधि के मुताबिक हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने सरयू नदी के बिड़हर, मैंदी, नौरहनी व कुआनो नदी के लालगंज, शनिचरा, चहोड़े, महेश्वरपुर आदि घाटों पर स्नान दान के साथ अनुष्ठान भी किया। देईसांड़, बानपुर, सजहरा, मथौली, खरवनिया, पसड़ा, भरवलिया, बनकटी, गौरी, कोनी, पक्कवा बाजार, डेल्हापार आदि गांव के सरयू, कुआनो व मनवर नदी के घाटों पर भोर से ही श्रद्धालु पैदल, निजी अथवा भाड़े के वाहनों सेे घाट पर पहुंचने लगे। महिलाओं ने नदी के तट पर मां सरयू को कड़ाही भी चढ़ाया। तट पर लगे मेले व बानपुर में लगे मेले में जमकर खरीदारी की।
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टिनिच प्रतिनिधि के मुताबिक बाराह क्षेत्र में हजारों श्रद्धालुओं ने कुआनो नदी में डुबकी लगाई। स्थानीय लोगों ने मेले में लकड़ी से बने सामान की खरीदारी की। राम जानकी मंदिर पर राम नाम हरि कीर्तन भी हुआ। बाराह क्षेत्र में चैत व कार्तिक पूर्णिमा पर मेला लगता है।
कलवारी प्रतिनिधि के अनुसार माझाखुर्द घाट पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। क्षेत्र के कलवारी, खखौड़ा, चकदहा, धोबहट, गौसपुर, भेड़िया, लखनपुर, बबुरहिया, लौवाड़ा, दौलतचक, खेमउपुर, धरमूपुर, तुरकौलिया, भोयर, फूलपुर, बैष्णोपुर, मालपुर, खलीलपट्टी, पड़री, कनैला, शेखपुरा सहित दर्जनों गांव के लोग भोर से सरयू नदी में स्नान करने के साथ दान, गोदान, महिलाओं ने मनौती पूरा होने पर पकवान चढ़ाया।
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लकड़ी का पुल न बनने से हुई परेशानी
बाराह क्षेत्र में वन विभाग की ओर से इस घाट को नीलाम किया जाता है, जिस पर हर वर्ष मेले के पहले नदी पर ठेकेदार की ओर से लकड़ी का पुल बना दिया जाता था, लेकिन इस बार पुल नहीं बन सका। इस कारण नदी के दूसरे तरफ के संसारपुर, पिपरा, जगदीशपुर, हरदिया, वाल्टरगंज, भिऊरा, बखरिया, बहेरिया, भरौली वाल्टरगंज सहित कई गांवों के लोग मेले तक नहीं पहुंच सके। विवेकानंद शोध संस्थान के पदाधिकारी कृष्ण चंद्र त्रिपाठी ने बताया की सरकारी बाराह क्षेत्र मेला कमेटी का गठन तत्कालीन मंडलायुक्त विनोद शंकर चौबे ने किया था। पहले यहां प्रशासन के सहयोग से सरकारी स्टाल लगते थे, लेकिन अब नहीं लग रहे। मेले में सुरक्षा व्यवस्था के लिए चौकी प्रभारी योगेंद्र कुमार, एसएस आई रामेश्वर यादव राम सहित अन्य मौजूद रहे।
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