बताया जा रहा है कि रात साढ़े नौ बजे घर आने पर वह कुछ परेशान लग रहे थे। दिल बहलाने के लिए वह काफी देर तक कुत्तों से खेलते रहे। इसके बाद बाहरी कमरे में आईपीएल का मैच देखने लगे। किसी बात पर उनका मूड कुछ उखड़ा हुआ था। 24 वर्षीय बेटे सौरभ को यह कहते हुए पहली मंजिल पर भेज दिए कि उन्हें मैच देखना है। इसके बाद यह घटना हो गई।
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तीन भाइयों में सबसे बड़े थे राम निहोर शुक्ल
मृतक राम निहोर शुक्ल के पिता चंद्र प्रकाश शुक्ल भी पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त हैं। उनके तीन बेटों में सबसे बड़े राम निहोर शुक्ल थे। दूसरे बेटे राम नाथ शुक्ल गांव के पूर्व प्रधान हैं। सबसे छोटे बेटे प्रदीप शुक्ल पुलिस विभाग में कांस्टेबल हैं। जिनकी तैनाती अयोध्या में है। सभी का परिवार अलग-अलग रहता है। पिता चंद प्रकाश शुक्ल और माता गांव के दक्षिण मकान बनाकर अलग रहते हैं। इस घटना से पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है।
अधेड़ बेटे की अप्रत्याशित मौत का सबसे गहरा सदमा उनके वृद्ध माता-पिता को लगा है। वह दोनो रो-रोकर बेहाल हैं। पिता कहते हैं कि उनके बेटे ने बहुत कायराना कदम उठा लिया। उसे ऐसा नहीं करना चाहिए था। न जाने ऐसी क्या मजबूरी थी। माता कहती हैं कि ऊपर जाने का समय उनका आया था मगर चला गया बेटा। पिता कहते हैं कि उनका बेटा राम निहोर उन्हें आदर्श मानता था। मगर उसने मेरी सीख नहीं मानी। उसे ऐसे धीरज नहीं खोना था।
ड्यूटी को लेकर तनाव में थे राम निहोर शुक्ल
53 वर्षीय राम निहोर शुक्ल की मौत के पीछे की वजह को लेकर कई तरह की बातें की जा रही हैं मगर स्पष्ट तौर पर कोई कुछ नहीं बता पा रहा है। पत्नी पूनम शुक्ल और बेटे सौरभ शुक्ल के मुंह से एक शब्द ही नहीं फूट रहे हैं। कुछ पूछने पर बोल नहीं पा रहे हैं। माना जा रहा है कि उन पर काफी दिनों से ड्यूटी का दबाव था। गोरखपुर तैनाती के दौरान उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया था। वहां से देवी पाटन मेला ड्यूटी में भेज दिया गया था। जिसके बाद वह काफी तनाव में रहने लगे थे। प्रथम दृष्ट्या माना जा रहा है कि ड्यूटी का दबाव वह नहीं झेल पा रहे थे।