बस्ती। सावधान हो जाइए। बाजार के धंधेबाजों ने मौसम और सहालग को फिर अवसर के रूप में लिया है। धंधेबाज ब्रांडेड कंपनियों के उत्पाद की जगह लोगों को नकली सामान बेचकर मोटा मुनाफा कमाने में जुटे हैं। ऐसे में खरीदारी करनी है तो भरोसेमंद दुकानदारों से ही करें।
गली-चौराहों की कई दुकानों पर ब्रांडेड कंपनियों के नाम का लेबल लगाकर स्थानीय सामान बेचे जा रहे हैं। ब्रांडेड की आड़ में लोकल हीटर, ब्लोअर से लेकर जूते, चप्पल, कॉस्मेटिक, नमक जैसे कई सामान पकड़े भी जा चुके हैं। इनके डब्बों पर असली की तरह बारकोड और मिलते-जुलते नाम होने के कारण ग्राहक धोखे में आ जा रहे हैं। सहालग को देखते हुए इसके धंधेबाजों ने बाजार में ऐसे सामान खपाने शुरू कर दिए हैं। नामी कंपनियों के मिलते-जुलते नाम और सस्ती कीमत होने की वजह लोग खरीद ले रहे हैं।
सहालग और ठंड के सीजन में लोग जरूरी सामान के अलावा उपहार व समारोह के सामान, उपकरणों की ज्यादा खरीदारी करते हैं। लोगों की इस जरूरत को धंधेबाज अच्छे से समझ चुके हैं। लोग ब्रांड के नाम से सामान लेने तो जाते हैं, लेकिन धंधेबाज उसकी आड़ में लोकल सामान थमा देते हैं। उस पर लिखे नाम से वह ब्रांडेड ही लगता है, लेकिन उसकी चमक कुछ दिन में ही उतर जाती है। फिर शिकायत सुनने वाला कोई नहीं होता।
केस एक
मई 2023 को पुरानी बस्ती पुलिस ने दो लोगों को नामचीन कंपनी के नाम पर नकली सीमेंट व यहीं की पुलिस ने नकली फेसवास, बाडी लोशन, सरसों तेल तथा वाहनाें में प्रयुक्त होने वाला ग्रीस व मोबिल आयल पकड़ा था। मौके पर नकली सामान भी बरामद हुआ था। हालांकि पकड़े गए लोग कार्य करने वाले निकले। जबकि असली आरोपी अब तक फरार है।
केस दो
जनवरी 2023 को गांधीनगर में नकली जूता, टी शर्ट, चप्पल व अन्य सामग्री बिकने की शिकायत पर कार्रवाई हुई। मगर, मौके पर आरोपी दुकान बंद कर फरार हो गया। कार्रवाई समाप्त होने के बाद फिर से बाजार में इसकी उपलब्धता बढ़ गई है।
केस तीन
फरवरी 2023 में कलवारी थाना क्षेत्र के एक बाजार में नामचीन कंपनी का नमक पकड़ा गया था। इस मामले में पुलिस ने जब संबंधित दुकानदार को दबोचा तो पता चला यह कार्य हर्रैया थाना क्षेत्र के एक दुकान से हाेता है। दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
ऐसे कर सकते हैं ब्रांडेड की जानकारी
- ब्रांडेड कंपनी रैपर पर फीचर्स जैसे बार कोड्स, सीरियल या मॉडल नंबर, ट्रेडमार्क और पेटेंट आदि की जानकारी देती हैं। बार कोड को गूगल में जाकर स्कैन करके पूरी जानकारी ले सकते हैं।
- ब्रांडेड कंपनियां अपने उत्पाद की पैकिंग पर काफी पैसे खर्च करती हैं। पहली नजर में यदि आपको पैकिंग खराब लगे तो समझ जाएं कि उत्पाद नकली है। ऐसे उत्पाद को खरीदने से बचें।
- अगर ब्रांडेड सामान है तो उस पर कुछ ही समय सही, लेकिन गारंटी जरूर होती है, जिस सामान की वारंटी दें, वह सामान असली होते हैं।
- नकली प्रोडक्ट में असली उत्पाद के स्थान पर खराब वैकल्पिक चीजों का प्रयोग किया जाता है। इसमें प्रयोग होने वाली सामग्री खराब प्लास्टिक, लेदर, सस्ता कांच, खराब क्वालिटी का कपड़ा या इलेक्ट्रॉनिक अप्लाइंसेज के पुराने या इस्तेमाल किए हुए पार्ट्स आदि के हो सकते हैं।