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रुधौली कांड: पुलिस चाहती थी दाह संस्कार, परिवार दफन करने पर अड़ा रहा; कैबिनेट मंत्री का आया फोन और फिर...

Sun, 24 Sep 2023 11:34 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बस्ती

सार

सूबे के एक कैबिनेट मंत्री का पुलिस के पास कई बार फोन आने की चर्चा है। हालांकि पुलिस खुलकर इसे कबूल नहीं कर रही है। माना जा रहा है कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए पुख्ता कार्रवाई करने के लिए कहा गया। 
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बस्ती रुधौली कांड। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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बस्ती के रुधौली सामूहिक दुष्कर्म कांड के बाद जहर खाकर मौत को गले लगाने वाले दंपती के शवों को पुलिस और घरवालों की खींचतान के बीच शनिवार की सुबह आमी नदी के किनारे एक ही कब्र में दफन कर दिया गया। हालांकि, पुलिस चाहती थी कि पति-पत्नी के शव को हिंदू रीति-रिवाज के मुताबिक जलाकर अंतिम संस्कार किया जाए, मगर परिवार के लोग इससे हिचक रहे थे। 
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पहले तो घरवाले शव घाट पर ले जाने में आनाकानी करते रहे, लेकिन काफी खींचतान और मान-मनौव्वल के बाद तैयार हुए। भारी पुलिस फोर्स के साथ शव को घाट पर ले जाने के बाद घरवाले और रिश्तेदार कब्र खोदने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। पुलिस शव को जलवाना चाहती थी। परिवार के लोगों ने यह तर्क दिया कि मृतक के बच्चे छोटे हैं। 

वे शव जलाने के बाद 16 दिन तक क्रियाकर्म के विधि-विधान को नहीं निभा पाएंगे, पर पुलिस अंतिम समय तक इस प्रयास में जुटी रही कि दोनों की चिता बनाकर दाह संस्कार किया जाए। इसी बीच वहां बारिश होने लगी। 
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महिलाएं भी काफी तादाद जुट गईं। वे सब शव को दफन करने पर अड़ गईं। तेज बारिश के बीच पॉलिथीन तानकर एक चाैड़ी कब्र खोदी गई जिसमें दंपती को एक साथ दफन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में रिश्तेदार, कस्बे के लोग मौजूद रहे।
 

इससे पहले शुक्रवार रात करीब 11 बजे तक शवों के अंतिम संस्कार को लेकर खींचतान चलती रही। पुलिस ने पहले से मन बनाया हुआ था कि पोस्टमार्टम के बाद दंपती का शव घर पहुंचे तो जितनी जल्दी हो सके, अंतिम संस्कार करवा दिया जाए, मगर शव पहुंचने में देर हो गई। इसके बाद परिवार के लोगों ने रात में अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। यह सुनकर पुलिस के हाथ पांव फूल गए। सोनहा, रुधौली, मुंडेरवा और वाल्टरगंज थाने की फोर्स पहुंच गई। 

देर रात तक मान-मनौवल होता रहा। पुलिस किसी भी कीमत पर रात में ही शव का अंतिम संस्कार कराने को कोशिश करती रही। उन्हें डर था कि सुबह कहीं परिवार के लोग शव रखकर कोई हंगामा न खड़ा कर दें, मगर परिवार के लोगों ने पुलिस की एक नहीं सुनी। उन्हें सुबह अंतिम संस्कार करने का आश्वासन देकर टाल दिया था। सुबह फिर दो घंटे से ज्यादा नूराकुश्ती चली। आखिरकार पुलिस को ही बैकफुट होना पड़ा।

कैबिनेट मंत्री का पुलिस को आया फोन
सूबे के एक कैबिनेट मंत्री का पुलिस के पास कई बार फोन आने की चर्चा है। हालांकि पुलिस खुलकर इसे कबूल नहीं कर रही है। माना जा रहा है कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए पुख्ता कार्रवाई करने के लिए कहा गया। उधर, निषाद पार्टी के जिलाध्यक्ष अशोक निषाद व अन्य नेताओं ने परिवार के लोगों से मुलाकात कर सांत्वना दिया और दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया।

 

पीड़ित के घर बढ़ी राजनीतिक गतिविधियां
दंपती के जहर खाकर खुदकुशी की घटना के बाद परिवार के लोगों को सांत्वना देने के लिए शनिवार को सियासी चेहरों की गतिविधियां तेज हो गईं। सर्वहारा विकास पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजेश निषाद ने परिजनों व बच्चों से मुलाकात कर मुआवजे की मांग की और परिजनों को सहायता राशि सौंपी।
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निषाद युवा वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील चंद्र साहनी ने बच्चों के शिक्षा की जिम्मेदारी लेने की घोषणा की। देर शाम लगभग 6:30 बजे जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी ने मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने परिवार की स्थिति एवं घटनाक्रम के बारे में जानकारी ली तथा हर संभव मदद का आश्वासन दिया। 
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