बुनियादी सुविधाओं से महरूम हैं लक्ष्मीबाई वार्ड के निवासी
बनकटी (बस्ती )। नगर पंचायत के लक्ष्मीबाई नगर वार्ड में करीब पांच हजार की आबादी निवासी करती है। लेकिन, बुनियादी सुविधाओं का विकास न होने से सभी परेशान हैं। ग्राम पंचायत से नगर पंचायत में तब्दील हुए लक्ष्मीबाई नगर वार्ड के निवासी बताते हैं कि एक बार लगा कि शहरी स्तर की सुविधाएं विकसित होंगी। लेकिन अब ऐसे लग रहा है कि नगर पंचायत से बढ़िया ग्राम पंचायत ही थी कम से कम प्रधान सुनते तो थे।
वार्ड में टूटी सड़कें, नाली, पेयजल आदि की समस्या है। यह वार्ड देइसाड़ बाजार, आशिक, टिकवाजोत को मिलाकर बनाकर बनाया गया है। वार्ड में स्थित अनुसूचित बस्ती का हाल बेहद खराब है। नगर पंचायत गठन के करीब पांच साल हो गए। इन पांच सालों में इसे आदर्श का दर्जा भी हासिल हो गया लेकिन यहां सुविधायें आदर्श स्तर की नहीं हैं। वार्ड निवासी सड़क, पानी निकासी, पेयजल व नाली के लिए जद्दोजहद करते आसानी से मिल जाएंगे। बारिश के मौसम में वार्ड में पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। घरों से निकलने वाला पानी लोग अपने दरवाजे पर इकट्टा करते हैं फिर उसे फेंकने ले जाते हैं। वार्ड में लगी सोलर लाइटें लंबे समय से खराब पड़ी हुई हैं।
निकासी न होने से सड़कों पर जमा होता है पानी
- वार्ड के देइसाड़ चौराहे पर पानी निकासी नहीं है। ऐसे में दरवाजे पर गड्ढा खोदकर गंदा पानी जमा करना पड़ता है।
बाबू राम चौधरी
पथ प्रकाश की नहीं है व्यवस्था
- वार्ड में पथ प्रकाश के लिए स्ट्रीट लाइटें आज तक नहीं लगाई गईं। कुछ सोलर लाइट लगाई गई थीं जो लंबे समय से खराब हैं।
आनन्द शुक्ला
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टूटी सडकें व नालियों के कारण नहीं हो रही पानी की निकासी
- वार्ड में टूटी सड़कें व नालियों को पुनर्निर्माण न होने के कारण पानी निकासी की व्यवस्था चौपट हो गई है।
कमल देव यादव
जिम्मेदारों ने फेर लिया है मुंह
- वार्ड में खामियों को देखने या जांच करने आज तक कोई जिम्मेदार नहीं आया। ऐसा लगता है कि जैसे जिम्मेदारों ने वार्ड से मुंह फेर लिया हो।
शिवशंकर शुक्ला
सुध नहीं ले रहे अधिशासी अधिकारी
वार्ड की समस्याओं को लेकर कई बार अधिशासी अधिकारी से शिकायत की गई। लेकिन वे समस्याओं को नजर अंदाज कर रहे हैं।
सुरसती, सभासद
नियमित कराई जा रही है साफ-सफाई
- वार्डों की साफ-सफाई के लिए कर्मचारी लगाए गए हैं जो नियमित साफ-सफाई कर रहे हैं। यदि कहीं समस्या है तो वार्डवासी शिकायत करें। कार्रवाई की जाएगी। विकास कार्य बजट के अभाव में रुके हुए हैं। बजट मिलते ही खामियां दुरुस्त कराने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
-अमरजीत, अधिशासी अधिकारी, बनकटी