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Basti News: बदला मौसम तो सताने लगा टायफाइड डिहाइड्रेशन व डायरिया के मरीज बढ़े

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अस्पताल में जांच के लिए उमड़े मरीज - फोटो : चौपाल में जानकारी देती महिला सिपाही।
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बस्ती। जिले में बदले मौसम और गर्मी से टायफाइड बुखार, डिहाइड्रेशन और डायरिया के मरीज दोगुना हो गए हैं। तेज बुखार, उल्टी-दस्त और सिर-पैरों में दर्द की परेशानी लिए मरीज अस्पताल पहुंच रहे। वहीं, धूप लगने से लोगों में बीपी की भी समस्या आ रही। कई मरीजों में बुखार से बदन टूटने की शिकायत रही। गंभीर मरीजों को भर्ती करना पड़ा।
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फिजिशियन डॉ. एसडी ओझा के अनुसार, ओपीडी में रोजाना दो सौ से अधिक मरीज आ रहे हैं। इसमें बुखार के साथ उल्टी-दस्त, पेट में दर्द और मियादी बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। यहां तक कि मधुमेह के मरीजों में ग्लूकोज स्तर भी गड़बड़ मिल रहा है। इसमें कई मरीजों ने दवाएं बंद कर दी थीं या फिर नियमित नहीं लीं। एमडी डॉ. पीएल गुप्ता के अनुसार, गर्मी और धूप की वजह से पसीना अधिक निकल रहा है। इससे शरीर में जरूरी नमक-पानी की कमी होने से कई मरीजों के बीपी कम मिल रहा है। डिहाइड्रेशन के मरीज भी लगभग तीन गुना तक बढ़ गए हैं। इनको सिर-पैरों में दर्द के साथ घबराहट भी हो रही है। हालत गंभीर होने पर मरीज भर्ती भी करा रहे हैं।
बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी 943 मरीजों को परामर्श दिया गया। इसमें मेडिसिन, बाल रोग विभाग के मरीज अधिक रहे। वहीं, इसमें से 300 के करीब मरीजों का ब्लड जांच हुई। कई में टायफाइड बुखार पाया गया। चिकित्सक आवश्यकतानुसार दवा देकर घर भेज दिए। वहीं, कई बच्चों में पीलिया के लक्षण पाए गए, ऐसे बच्चों को एसएनसीयू में भेजा गया।
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बादलों की आवाजाही और धूप से बिगड़ रही सेहत : आसमान में बादलों की आवाजाही और कुछ ही पलों में तेज धूप से उमस भरी भीषण गर्मी लोगों का जीना मुहाल कर रही है। मौसम में लगातार उतार चढ़ाव के कारण खांसी, जुकाम और वायरल बुखार के साथ टायफाइड के मरीज भी बढ़ने लगे हैं। चिकित्सक ने रोगियों को टायफाइड से बचाव के लिए स्वच्छ जल पीने की सलाह दी है।
बच्चों से लेकर बड़े और बुजुर्ग सभी बुखार, जुकाम और खांसी की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके सिंह ने बताया कि मौसम में उतार चढ़ाव है और लोग गर्मी से आकर ठंडा पानी पीते हैं। आइसक्रीम और पेय पदार्थों का भी सेवन भी किया जा रहा है। इस कारण से रोगी बढ़े हैं। टायफाइड होने की प्रमुख वजह दूषित खानपान है। टायफाइड बुखार जलजनित बीमारी हैं। गर्मियों में इसका प्रकोप अधिक बढ़ जाता है। टायफाइड के लक्षण : डॉ. पीएस पटेल के अनुसार, टायफाइड में मरीज को तेज बुखार आता है, जो 103 डिग्री से 104 डिग्री तक बढ़ सकता है। टायफाइड का बुखार करीब एक सप्ताह तक बना रहता है। मरीज को बुखार आने के साथ ही पेट दर्द, भूख नहीं लगना, सिरदर्द होना, शरीर के कई हिस्सों में दर्द होना, दस्त लगना आदि लक्षण होते हैं।
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