2206 परिषदीय विद्यालयों में शुरू हुई वार्षिक परीक्षा
बस्ती। जनपद के 2206 परिषदीय विद्यालयों में मंगलवार से वार्षिक परीक्षा शुरू हो गई। कक्षा एक से पांच तक सभी विषयों की मौखिक और छह से आठ तक खेल और कला की परीक्षा हुई। जबकि, 23 से 26 मार्च तक लिखित परीक्षा होगी। परीक्षा को सकुशल कराने के लिए विभाग ने सभी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली हैं।
जिले में 1437 प्राथमिक, 320 जूनियर और 319 कंपोजिट विद्यालय हैं। कक्षा एक से आठ तक की परीक्षा में 2,14,649 छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। जहां कक्षा एक की परीक्षा मौखिक होगी, तो वहीं दो से कक्षा पांच तक की परीक्षा मौखिक व लिखित दोनों होगी। कक्षा छह से आठ तक की परीक्षा केवल लिखित ही होगी। परीक्षा में कापियां प्रधानाध्यापकों और प्रश्न पत्र बीएसए कार्यालय की ओर से भेजा गया है। परीक्षा शुरू होने से पहले प्रधानाध्यापक की ओर से बंद प्रश्नपत्रों को एक सहायक अध्यापक और विद्यालय प्रबंध समिति के दो सदस्यों के सामने खोला जाएगा। कोरोना संक्रमण के कारण पिछले दो वर्ष से परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक परीक्षा नहीं हो रही थी। छात्र-छात्राओं को बिना परीक्षा दिए ही अगली कक्षा में प्रोन्नत कर दिया गया था।
लिखित परीक्षा की सभी तैयारी पूरी कर ली गईं हैं। सभी बीईओ और प्रधानाध्यापकों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। खंड शिक्षा अधिकारी को सीलबंद लिफाफे में प्रश्नपत्र उपलब्ध करा दिए गए हैं। उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 29 व 30 मार्च को होगा। कक्षा दो से सात तक कक्षाओं की कापियों का मूल्यांकन विद्यालय में ही होगा, जबकि कक्षा आठ की कापियों का मूल्यांकन ब्लॉक संसाधन केंद्र पर होगा। 31 मार्च को संबंधित विद्यालय में समारोह पूर्वक रिजल्ट कार्ड वितरित किया जाएगा।
जगदीश शुक्ला, बीएसस
उत्साह के साथ परीक्षा देने पहुंचे परिषदीय स्कूलों के विद्यार्थी
भानपुर। परिषदीय विद्यालयों में मंगलवार से प्रारंभ हुई वार्षिक परीक्षा में पंजीकृत छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह और तैयारी के साथ उपस्थिति दर्ज कराई। वहीं, शिक्षक भी परीक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क नजर आए। प्राथमिक विद्यालय भानपुर, पूर्व माध्यमिक विद्यालय भानपुर, पूर्व माध्यमिक विद्यालय बनवधिया, पूर्व माध्यमिक विद्यालय मझारी में बच्चों ने पहले दिन परीक्षा दी। पूर्व माध्यमिक विद्यालय भानपुर के शिक्षक राजेश द्विवेदी ने बताया कि बच्चों को पहले से ही परीक्षा के लिए तैयार किया गया है। जिससे उन्हें परीक्षा के दौरान प्रश्न पत्रों को हल करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।