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Basti News: बहन-बहनोई के विवाद में अपहरण कर अधिवक्ता की हत्या

Sun, 26 Jan 2025 12:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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अ​धिवक्ता चंद्रशेखर यादव की फाइल फोटो
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समाधान दिवस के दौरान भी हुआ था विवाद
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- कप्तानगंज थानाक्षेत्र के बैदौलिया अजायब गांव के थे अधिवक्ता चंद्रशेखर यादव



- हरैया थाना क्षेत्र के नरायनपुर तिवारी गांव के प्लांट के निकट हुआ अपहरण



- वाल्टरगंज थाने के गनेशपुर के पास पेट्रोल पंप के निकट लहूलुहान पड़े थे अधिवक्ता



संवाद न्यूज एजेंसी



बस्ती। बहन-बहनोई के पारिवारिक विवाद में 45 वर्षीय अधिवक्ता की सरेराह अपहरण करके हत्या कर दी गई। दिन में हर्रैया थाने के समाधान दिवस के दौरान विवाद हुआ था। रात करीब साढ़े आठ बजे उन्हें लहूलुहान हालत में गनेशपुर बाजार में स्थित हसन पेट्रोल पंप के समीप पाया गया। जिला अस्पताल ले जाने पर चंद्रशेखर को मृत घोषित कर दिया गया। वहीं, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मृतक की पत्नी उमा यादव धरने पर बैठ गईं। इस बीच पुलिस ने बताया कि उमा की तहरीर पर हर्रैया थाने में तीन नामजद समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर मुख्य आरोपी रंजीत यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है।



बैदोलिया अजायब गांव के चंद्रशेखर यादव पुत्र कृष्ण चन्द्र यादव बस्ती कचहरी में वकालत करते थे। उनकी बहन की शादी हर्रैया थाने के खम्हरिया गंगाराम में हुई थी। बहन सोनमती का उसके पति रंजीत से विवाद था। कई बार चन्द्रशेखर यादव ने मुकदमे में सुलह की पहल की लेकिन बात नहीं बन पाई। परिजनों के मुताबिक शनिवार को थाना समाधान दिवस में दोनों पक्ष का मामला पेश हुआ था।
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शनिवार को शाम को गांव के एक युवक के साथ महराजगंज बाजार आए थे। देर शाम करीब साढ़े सात बजे बाइक से घर जाते समय हरैया थाना क्षेत्र के नरायनपुर तिवारी गांव के प्लांट के निकट एक स्कार्पियो ने बाइक ओवरटेक करके रोक लिया और चंद्रशेखर को बाइक से खींचकर कार में बैठाकर महराजगंज की ओर चले गए। घटना से हतप्रभ गांव के युवक ने पुलिस और परिवार के लोगों को फोन करके जानकारी दी। इस बीच अपहर्ता उन्हें लेकर गनेशपुर पहुंच गए। बीच में उनके साथ क्या हुआ यह किसी को नहीं मालूम मगर उन्हें लहूलुहान हालत में गनेशपुर बाजार में स्थित हसन पेट्रोल पंप के समीप पाया गया। जेब में मिले आधार कार्ड से पहचान होने के बाद लोगों ने परिवार के लोगों को सूचना दी। उधर, पुलिस जिस जगह से अपहरण हुआ वहां पहुंचकर पूछताछ करने में जुटी रही। लोगों का कहना है कि अगर तुरंत पीछा करने का प्रयास किया गया होता तो अधिवक्ता की जान बच गई होती। एएसपी ओपी सिंह ने बताया कि अभी परिवार की तरफ से तहरीर नहीं दी गई है। पूछताछ में मिली जानकारी के हिसाब से जो नाम सामने आए हैं,उनकी तलाश की जा रही है।
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कोट

अधिवक्ता के बहन और उसके पति के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। शनिवार को भी कुछ विवाद हुआ था। बहनोई,उसके बड़े भाई व कुछ अन्य का नाम सामने आया है। आरोपियों की तलाश में पांच टीमें लगा दी गई हैं।



अभिनंदन, एसपी, बस्ती

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