पंखा भी उनके ऊपर ही गिर गया। आवाज सुनकर बचाने पहुंची बहन सर्वेश भी करंट की चपेट में आ गई। मौके पर मौजूद लोगों ने पंखे का प्लग स्विच से निकाला मगर तब तक जयवीर बुरी तरह झुलस गए थे। उपचार के लिए ले जाते समय उन्होंने दम तोड़ दिया। हादसे की जानकारी पर गांव वालों की भीड़ उनके मकान के बाहर जुट गई। हर किसी की आंख नम दिखी।
परिजनों ने बताया कि चूंकि शादी की सभी तैयारियां हो चुकी हैं, ऐसे में इसे निरस्त नहीं किया जा सकता। एक सादे समारोह में शाम के समय विवाह की रस्में अदा की गईं। दुल्हन की विदाई के बाद शुक्रवार को शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा। जयवीर की मौत के बाद पत्नी संगीता, मां सुरजा देवी सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। आठ भाई-बहनों में जयवीर तीसरे नंबर के थे। उनका एक बेटा भी है।