सरगना माधुरी और ममता पर पहले से हैं मुकदमे
शुभनेश को शिकार बनाने के आरोपी गिरोह के सदस्यों का नाम पहले भी कई घटनाओं में आ चुका है। पिछले साल पीलीभीत में तैनात एसओ राजेंद्र सिरोही पर संजय नगर निवासी माधुरी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में एक युवती ने माधुरी पर हनी ट्रैप गैंग चलाने का आरोप लगाकर रिपोर्ट कराई थी। वहीं सुभाषनगर में प्राइवेट डॉक्टर अमरेंद्र चौहान को ममता के गिरोह ने शिकार बनाया था।
रंगदारी मांगने और प्रतिष्ठा खराब होने से परेशान डॉक्टर ने आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में दर्ज रिपोर्ट को सुभाषनगर पुलिस निपटाने के मूड में थी, लेकिन तत्कालीन एसएसपी प्रभाकर चौधरी की सख्ती से पूरे गिरोह पर शिकंजा कसा गया था। गिरोह की सरगना ममता उसी मामले में जेल भेजी गई। ममता के कथित पति समेत दो आरोपी अभी पकड़ से बाहर हैं।
खाकी को भी बना चुके हैं शिकार
शहर में सक्रिय हनी ट्रैप गिरोहों के शिकंजे में कई पुलिस वाले भी फंस चुके हैं। यही नहीं पुलिस की मिलीभगत भी सामने आ चुकी है। पिछले दिनों परसाखेड़ा के एक उद्यमी को हनीट्रैप में फंसाकर किला चौकी इंचार्ज वसूली की कोशिश कर रहा था। एसएसपी के आदेश पर चौकी इंचार्ज और सिपाही समेत कथित पत्रकारों पर किला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
वहीं करगैना के एक रिटायर्ड दरोगा को फंसाकर हनी ट्रैप गिरोह ने खुद को सीबीआई अफसर बताते हुए रुपये ऐंठ लिए थे। मुरादाबाद के ट्रेनी दरोगा को भी जाल में फंसाकर पचास लाख रुपये मांगे गए थे। रुपये नहीं देने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। दरोगा के पिता ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
एसपी सिटी राहुल भाटी ने बताया कि हनी ट्रैप जैसे मामले में बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोप सही साबित हुए तो दोषियों के खिलाफ चार्जशीट लगाकर जेल भेजा जाएगा।