एग्रीमेंट नहीं मिला, मकान मालिक भी रडार पर
करीब तीन साल पहले सद्दाम को मुश्ताक नाम से खुशबू एनक्लेव में अपना मकान किराये पर देने वाले मकान मालिक आजम नगर निवासी हसीन भी संदेह के घेरे में है। दरअसल हसीन ने पुलिस को बताया था कि कोई मुश्ताक नाम का शख्स मकान लेने आया था। उसने एग्रीमेंट भी कराया था। बाद में सद्दाम यहां रहने लगा। पुलिस ने जानकारी जुटाई तो पता लगा कि मुश्ताक नाम के शख्स का नाम पता ही नहीं मिल रहा है।
वह एग्रीमेंट और मुश्ताक की आईडी भी हसीन उपलब्ध नहीं करा सके। संदेह इसलिए भी बढ़ रहा है कि उमेश पाल की हत्या के बाद भी हसीन ने किसी को कोई जानकारी नहीं दी। मीडिया में मामला उछलने के बाद जब उन्हें कार्रवाई का डर सताया तो उन्होंने सद्दाम के खिलाफ रिपोर्ट लिखवा दी। पुलिस संदेह के आधार पर कॉल डिटेल आदि निकलवा रही है, मकान मालिक को भी आरोपी बनाया जा सकता है।
किरायेदार ने खाली कर दिया मकान
हसीन के मकान के निचले हिस्से में सद्दाम रहता था। दो महीने पहले ही ऊपरी हिस्से में दोना पत्तल व्यापारी इकरार परिवार समेत रहने आए थे। इस बीच यह घटनाक्रम हो गया। अब लगातार पूछताछ और परिचितों के टोकने से परेशान इकरार ने दूसरा महीना पूरा होने से पहले ही मकान छोड़ दिया है। उन्होंने गुरुवार को मकान से बाकी सामान भी हटवा लिया।