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ठगी का ये तरीका हैरान कर देगा: बीमार बेटे की मौत का आरोप मां-बाप पर ही लगाया, फिर सीएमओ बनकर ऐंठे रुपये

Tue, 27 Aug 2024 05:47 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, बरेली

सार

बरेली के कोतवाली क्षेत्र के निवासी दंपती के पुत्र की बीमारी से मौत हो गई थी। मोहल्ले में ही क्लीनिक चलाने वाले झोलाछाप सोमपाल को पुत्र को दिखाया था। सोमपाल ने अपने साथियों के साथ मिलकर परिजनों को गुमराह किया। उसने परिजनों को बताया कि उन पर पुत्र की हत्या का आरोप है। सीएमओ उसकी दुकान पर बैठे हैं। जहां मामला रफा-दफा करने के नाम पर परिजन से 2.20 लाख रुपये ठग लिए। 
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में संभ्रांत परिवार से शहर निवासी झोलाछाप और उसके गिरोह ने साल भर पहले जाल बुनकर 2.20 लाख रुपये ऐंठ लिए थे, अब दोबारा सीओ का कर्मचारी बताकर उन्हीं लोगों ने ठगी की कोशिश की तो खुद फंस गए। कोतवाली में एसपी सिटी ने खुलासा कर फर्जी सीएमओ और सिम विक्रेता को जेल भेजा है। फर्जी सीएमओ की कथित पत्नी समेत दो आरोपियों की तलाश की जा रही है। 

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इज्जतनगर थाना क्षेत्र के मुंशी नगर पटेल एन्क्लेव निवासी एफसीआई के सेवानिवृत्त कर्मी राजेंद्र कुमार सक्सेना ने बताया कि 20 नवंबर 2023 को उनके बेटे अभिषेक सक्सेना की बीमारी से मौत हो गई थी। 

इंजेक्शन लगाने पर हुई थी मौत 
परिवार ने संतुष्टि के लिए मोहल्ले में क्लीनिक चलाने वाले झोलाछाप सोमपाल को दिखाया। सोमपाल ने एक इंजेक्शन लगाया पर अभिषेक की मौत पहले ही हो चुकी थी। सोमपाल ने दो दिन बाद राजेंद्र व उनके सॉफ्टवेयर इंजीनियर बेटे मयंक को घर जाकर बताया कि किसी पड़ोसी ने उनके खिलाफ रिपोर्ट करा दी है कि उन्होंने बेटे अभिषेक को जहर का इंजेक्शन देकर मार दिया है। 
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सीएमओ व पुलिस के कुछ लोग उनके क्लीनिक पर आने वाले हैं। अभी मामला रफा-दफा हो सकता है, वर्ना वह लोग फंस जाएंगे। राजेंद्र अपने दूसरे बेटे मयंक के साथ क्लीनिक पहुंचे तो वहां सीएमओ के रूप में इज्जतनगर के आलोक नगर निवासी सुरजीत, सीएमओ की पत्नी बनकर सोमपाल की पत्नी राजकुमारी व एक अन्य व्यक्ति मिले। 

उन्होंने मामला निपटाने के लिए तीन लाख रुपये मांगे। तब मयंक ने एक लाख रुपये नेट बैंकिंग से सोमपाल के खाते में और 1.20 लाख रुपये नकद दिए। आरोपियों ने उन्हें अभिषेक का सामान्य मृत्यु वाला फर्जी प्रमाणपत्र दे दिया गया। 

ऐसे खुली पोल
मयंक रविवार को बरेली आए और सीओ प्रथम पंकज श्रीवास्तव से मिले। कॉल करने वाले का नंबर दिखाकर जानकारी लेनी चाही कि आपके दफ्तर से उन्हें बुलाया गया है। सीओ ने पूरा घटनाक्रम पूछा और फिर वह नंबर ट्रेस कराया। ठगी का खेल समझ में आया तो उच्चाधिकारियों को स्थिति बताकर एसओजी भी लगाई। 

तब गिरोह के लोगों के चेहरे सामने आने लगे। पुलिस ने पिछली बार सीएमओ बने सुरजीत के साथ ही उसे रामौतार के नाम पर फर्जी सिम उपलब्ध कराने वाले गांव करमपुर चौधरी निवासी मिसिरयार को गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को प्रेसवार्ता के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया। सोमपाल व उसकी पत्नी राजकुमारी फरार है। 

परिवार ने शहर छोड़ा पर ठग लगे रहे पीछे
बेटे की मौत व इस घटना के बाद मयंक व उनके परिजनों ने अपना पुश्तैनी घर बेच दिया और नोएडा शिफ्ट हो गए। 23 अगस्त 2024 को एक अनजान नंबर से पहले मयंक को और फिर उनके पिता को कॉल की गई। स्क्रीन पर उप्र पुलिस का लोगो और सीओ ऑफिस बरेली लिखा आया। उधर से बताया गया कि सीओ ऑफिस बरेली से बोल रहे हैं। 
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पिछले साल आपने अपने बेटे अभिषेक की जहर का इंजेक्शन देकर हत्या कर दी थी। उस मामले को कथित डॉक्टर सोमपाल के साथ मिलकर दबा दिया था। ये फाइल दोबारा खुल गई है। सोमपाल को नोएडा की पुलिस पकड़ ले गई है। आप बरेली आकर हमसे मिलो वर्ना हम नोएडा पुलिस को बोलकर आपको वहीं गिरफ्तार करा देंगे। 

एसपी सिटी राहुल भाटी ने बताया कि गिरोह ने राजेंद्र सक्सेना व उनके परिवार से साल भर पहले ठगी की थी। दोबारा से उसी परिवार को ठगी का शिकार बनाने की कहानी रच रहे थे। परिवार ने सीधे पुलिस से संपर्क कर लिया तो यह मामला खुल गया। गिरोह में दो नामजदों के अलावा कुछ और लोगों के होने की संभावना है, उन्हें जल्दी ट्रेस कर गिरफ्तारी की जाएगी। 
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