बरेली। विवाहिता से दुष्कर्म करने वाले चौबारी गांव के तीन युवकों को अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम निर्दोष कुमार की अदालत ने बीस-बीस साल कैद की सजा सुनाई।
पीड़िता ने दर्ज कराई एफआईआर में कहा था कि 28 अक्तूबर 2014 को वह जंगल में घास काटने गई थी। महारो नाले के पास मौजूद चौबारी गांव के चमन, ओमवीर और अमित उर्फ मालू ने उसको गालियां देते हुए पूछा कि खेत में चीनी की बोरी कहां छुुपाई हैं। पीड़िता ने अनभिज्ञता जताई तो चमन ने तमंचे के बल पर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद ओमवीर और अमित ने भी दुष्कर्म किया। अभियोजन की ओर से सरकारी वकील संतोष श्रीवास्तव ने कुल चार गवाह पेश किए। इस पूरे मुकदमे में तथ्य की गवाह केवल पीड़िता ही थी, जो जिरह के दौरान अपने बयानों से मुकर गई थी। कोर्ट ने तीनों अभियुक्तों को बीस बीस साल कैद की सजा सुनाई। इसके अलावा हर एक पर बीस बीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माने की राशि पीड़िता को देने का आदेश भी अदालत ने किया। संवाद