आरोपियों ने खुद को बताया बेकसूर
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी खुद को बेकसूर बता रहे हैं। इज्जतनगर थाने में बैठे आरोपियों का कहना है कि वह बेकसूर हैं। वह केवल प्रार्थना सभा करा रहे थे। धर्म परिवर्तन का आरोप गलत है। किसी को भी लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने से इन्कार किया। अब पुलिस की जांच में सच्चाई का पता चलेगा।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि तहरीर के आधार पर लगाए आरोप काफी गंभीर हैं। इस मामले में इज्जतनगर थाने में रिपोर्ट लिखी गई है। आरोपों के आधार पर जांच की जा रही है। आरोप सही मिले तो गिरफ्तारी की जाएगी।
खुद बैठे प्रार्थना में तो पता लगा सच
गुलशन बहादुर ने बताया कि वह राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ व हिंदू जागरण मंच से जुड़े हैं। वह काफी समय से इलाके में इस तरह की गतिविधियां देख रहे थे। खुद ही प्रार्थना सभा में जाकर देखा तो सच का पता लगा। वहां पादरी व उनके कुछ साथी धार्मिक आयोजन कर रहे थे। उन्होंने पादरी प्रेम जोनल से पूछा कि क्या कर रहे हो तो पादरी ने बताया कि वह इनको दीक्षा देकर ईसाई बना रहा है। आरोप है कि पादरी प्रेम जोनल व उसके दोनों साथियों ने उन्हें एक नीले कवर की किताब दी।
किताब को हाथ में पकड़ाकर उच्चारण कराया कि हे यीशु भगवान मैं आपकी शरण में आ गया हूं और ईसाई धर्म कबूल करता हूं। आरोप है कि इस दौरान इन लोगों ने उन्हें धोखे से कबूल करता हूं। कहलवाकर उनके धर्म के साथ विश्वासघात कर दिया। पुलिस ने उप्र विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन कानून के तहत पादरी समेत तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। गुलशन बहादुर ने बताया कि आरोपियों ने अपने पूजा पाठ के तरीके से उनका भी धर्म भ्रष्ट करने का प्रयास किया।