संयुक्त किसान मोर्चा में शामिल 23 किसान संगठनों के पदाधिकारियों के साथ किसान नेता राकेश टिकैत बृहस्पतिवार की सुबह करीब साढ़े 10 बजे कार्यक्रम स्थल पहुंचे। वहां उन्होंने सबसे पहले पीड़ित परिजन से मुलाकात करके जिला प्रशासन से वार्ता के लिए रणनीति बनाई। इसके बाद दो कमेटी बनाकर आगे की कार्रवाई करने के लिए रूपरेखा तय की। इसमें एक कमेटी जिला प्रशासन और दूसरी कमेटी के जेल में बंद लोगों से मिलने के लिए बनाई गई।
मिदनिया गढ़ी बाईपास पर स्थित एक मैरिज लॉन में संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारियों के बीच करीब दो घंटे तक वार्तालाप का दौर चला। इस दौरान भाकियू नेता राकेश टिकैत ने मृतक किसानों के परिजन व जेल में बंद किसानों के परिजन से मिले और उन्हें न्याय दिलाने की लड़ाई में पूरा सहयोग देने का वादा किया।
पत्रकारों से वार्ता में राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों पर दर्ज केस को वापस कराएंगे। जब तक केस वापस नहीं होगा, तब तक लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि केस वापस न हुआ तो फिर से धरना प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने जिला प्रशासन से हुई वार्ता के बारे में बताया कि जेल में बंद किसानों को दूसरी गाड़ी से भेजने की मांग की गई।
प्रशासन ने चीनी मिल में नौकरी देने की बात कही है, जिस पर टिकैत ने कहा कि डीएम से चीनी मिल के वेज बोर्ड में नौकरी दिलाने की मांग रखी है। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने शासन स्तर पर वार्ता के लिए टाइम लेकर सूचना देने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी की बर्खास्तगी होनी चाहिए, क्योंकि वह 120 बी के मुल्जिम हैं। मृतक किसानों के परिजन को नौकरी और घायल किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग प्रमुखता से जिला प्रशासन के समक्ष रखी गई है।