साल का पहला चंद्रग्रहण का स्पर्श बुधवार दोपहर 03:03 बजे होगा। मध्यकाल 04:49 और मोक्ष शाम 06:23 बजे होगा। चूंकि यह उपछाया ग्रहण है, इसलिए सूतक काल मान्य नहीं होगा।
आज दोपहर करीब तीन बजे होगा स्पर्श, पूर्वोत्तर राज्यों में दिखेगा प्रभाव
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उपछाया ग्रहण होने से सूतक काल नहीं होगा मान्य
बरेली। साल का पहला चंद्रग्रहण का स्पर्श बुधवार दोपहर 03:03 बजे होगा। मध्यकाल 04:49 और मोक्ष शाम 06:23 बजे होगा। चूंकि यह उपछाया ग्रहण है, इसलिए सूतक काल मान्य नहीं होगा। इसका असर देश के केवल पूर्वोत्तर राज्यों में पड़ने की संभावना है। ज्योतिषाचार्यों की मानें तो हर ग्रहण का राशियों पर कुछ न कुछ प्रभाव जरूर होता है। अमेरिका, आस्ट्रेलिया, पूर्वी एशिया में यह पूर्ण चंद्रग्रहण होगा।
ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश पांडेय के मुताबिक, सनातन धर्म में सूर्य और चंद्र ग्रहण का बहुत महत्व है। ऋषि मुनियों ने गहन शोध के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि ग्रहण काल में सूर्य और चंद्रमा की किरणें भोजन को दूषित कर देती हैं। चंद्रग्रहण हमेशा पूर्णमासी को ही होता है। जिस नक्षत्र में यह पड़ता है, उसमें छह महीने के लिए शुभ कार्यों को टाल दिया जाता है। पूर्वोत्तर राज्यों के जातकों में वृश्चिक राशि के लिए यह ग्रहण हानिकारक होगा। इसके अलावा अन्य राशियों पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा। ग्रहण शुरू होने से पहले स्नान करके पूजा करनी चाहिए। ग्रहण के बाद घर में गंगा जल का छिड़काव करने के बाद दोबारा नहाना चाहिए। खाने की हर वस्तु में तुलसी के पत्ते डालने चाहिए।
मेष - स्वास्थ्य के लिए हानिकारक।
वृषभ - वैवाहिक संबंधों में बाधा, बुद्धि से धन अर्जित होने की संभावना।
मिथुन - स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव, दवाओं आदि में खर्च।
कर्क - मैत्री संबंधों के लिए हानिकारक।
कन्या - छोटे भाई-बहनों के लिए हानिकारक।
सिंह - सार्वजनिक रूप से प्रसिद्धि में कमी।
तुला - दवाओं में कम खर्च, स्वास्थ्य में सुधार।
वृश्चिक - ग्रहण के समय बाहर न निकलें, फालिज का असर होने की आशंका।
धनु - व्यर्थ के झंझट बढ़ने की आशंका।
मकर - छह महीने में अचानक लाभ होने की संभावना।
कुंभ - नौकरी पेशा लोगों का तबादला संभव।
मीन - शुक्र गृह परिवर्तन के कारण घर में समृद्धि आने की संभावना।
ग्रहण काल में किसी मंत्र की साधना करनी चाहिए। ऐसे में छह महीने तक भाग्य में वृद्धि होती है, मंत्र के उच्चारण से अदृश्य बाधाओं से रक्षा होती है। - पंडित राकेश पांडेय, वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य