बरेली। पिछले सप्ताह जुमे की नमाज के बाद बवाल और लाठीचार्ज प्रकरण को लेकर शनिवार को मंडलायुक्त, डीआईजी रेंज और मुस्लिमों से मिलने के लिए निकले सपा के 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने उनके आवास पर नजरबंद कर दिया। इस पर नेताओं ने आपत्ति जताते हुए इसे भाजपा की तानाशाही करार दिया।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुस्लिमों से मिलकर उनकी समस्या दर्ज कर अफसरों से वार्ता करने के लिए 14 नेताओं का प्रतिनिधिमंडल गठित किया था। 14 सदस्यीय टीम में शामिल नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय को पुलिस ने लखनऊ में उनके आवास पर रोक दिया। सांसद हरेंद्र मलिक, सांसद इकरा हसन, सांसद जियाउर्रहमान बर्क और सांसद मोहिबुल्लाह को भी बरेली नहीं आने दिया गया। सपा के प्रदेश सचिव शुभलेश यादव को बदायूं, विधायक शहजिल इस्लाम को सीबीगंज स्थित उनके फार्म हाउस, भगवतशरण गंगवार को नवाबगंज, विधायक अताउर्रहमान को लखनऊ, पूर्व सांसद वीरपाल सिंह को सुरेश शर्मा नगर, जिलाध्यक्ष शिवचरण कश्यप को कांधरपुर और महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी को किला स्थित आवास पर नजरबंद किया गया। पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन भूमिगत रहे। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नेहा यादव को संविधान विरोधी योगी सरकार के नारे लगाने और पोस्टर लेकर प्रदर्शन करने पर मढ़ीनाथ स्थित आवास पर नजरबंद किया गया।
पुलिस को चकमा देकर सर्किट हाउस पहुंचे सांसद नीरज मौर्य
आंवला से सपा सांसद नीरज मौर्य पुलिस को चकमा देकर सर्किट हाउस पहुंच गए। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर कृष्णानगर स्थित उनके आवास पर ले जाकर नजरबंद कर दिया। सर्किट हाउस में मयंक शुक्ला, संजीव यादव, पीयूष वर्मा, नरेंद्र गौतम और सपा के अन्य नेता मौजूद रहे।
भाजपा का रवैया तानाशाही, जनता समझ रही है, मिलेगा जवाब
जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप ने अपने आवास पर बताया कि सपा मुखिया अखिलेश यादव के निर्देश पर नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में 14 सदस्यीय टीम बरेली आ रही थी। तानाशाही सरकार ने सभी को नजरबंद किया है। ये तानाशाही इसलिए दिखा रहे हैं क्योंकि भाजपा की सरकार जाने वाली है और सपा की आने वाली है। डिजिटल इंडिया का नारा और इंटरनेट बंद करने वालों को जनता ही जवाब देगी। इस दौरान जिला कोषाध्यक्ष अशोक यादव सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। ब्यूरो