सपा अरसे से कायस्थ नेता का विकल्प तलाश रही थी। जातिगत आंकड़ों पर गौर करें तो 3.75 लाख मुस्लिम और 85 हजार एससी वोट के बाद 60 हजार कायस्थ मतदाता हैं। इसी आंकड़े के आधार पर सपा कायस्थ, मुस्लिम, यादव के सहारे भाजपा को तगड़ी चुनौती देने की तैयारी में है। संजीव सक्सेना को अखिलेश यादव के परिवार से जुड़े एक बड़े नेता का करीबी माना जाता है।
2019 में ली थी सपा की सदस्यता
पीलीभीत रोड निवासी संजीव सक्सेना उप्र राज्य भंडारण निगम में कार्यरत थे। 2019 में सेवानिवृत्त होकर सपा की सदस्यता ली। सपा में विशेष आमंत्रित सदस्य रहे और इसके बाद उन्हें पार्टी ने जिला उपाध्यक्ष बनाया था।
शहजिल इस्लाम के विधायक बनने के बाद संजीव सक्सेना ने उनका स्वागत कार्यक्रम किया था। उसी स्वागत कार्यक्रम में शहजिल इस्लाम ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया था। उसमें शहजिल इस्लाम व संजीव सक्सेना समेत अन्य पर मुकदमा दर्ज हुआ था। उसी समय से संजीव सक्सेना चर्चा में आए थे।
जल्द होगी संगठन की घोषणा
समाजवादी पार्टी ने बरेली में जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष की घोषणा नहीं की है, जबकि अन्य कई जनपदों में जिलाध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष घोषित हो चुके हैं। कायस्थ समाज से मेयर प्रत्याशी की घोषणा के बाद जिलाध्यक्ष के पद पर यादव बिरादरी का दावा मजबूत हो गया है। कुछ पुराने नेता इस पर पद पर अपना दावा भी पेश कर रहे हैं। इस पर सपा के शीर्ष नेतृत्व को जातिगत गणित समझाया जा रहा है।