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पेंड्रोल क्लिप चोरी मामले में दूसरा रिटायर्ड सेक्शन इंजीनियर भी गिरफ्तार

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बरेली। सीबीगंज के रेलवे गोदाम से 20 हजार पेंड्रोल क्लिप और पिन चोरी करने के मामले में आरपीएफ ने देहरादून से एक और रिटायर सीनियर सेक्शन इंजीनियर ओमप्रकाश शर्मा को गिरफ्तार किया है। ओमप्रकाश भी आठ दिन पहले ही रिटायर हुआ है।
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आरपीएफ के मुताबिक रिटायर सीनियर सेक्शन इंजीनियर रेलपथ दिनेश लोहानी ने पूछताछ में बताया था कि पेंड्रोल क्लिप चोरी की योजना ओमप्रकाश शर्मा ने ही बनाई थी। ओमप्रकाश ने ही यह भी तय किया था कि चोरी की पेंड्रोल क्लिप और पिन की कहां और कैसे खपानी है। इसके बाद रविवार देर रात मुरादाबाद रेल मंडल से रिटायर सीनियर सेक्शन इंजीनियर ओमप्रकाश शर्मा को भी देहरादूून से गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि ठेकेदार अब तक फरार है जिसे तलाश किया जा रहा है। उसकी कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।
सीबीगंज रेलवे गोदाम से पिछले सप्ताह 20 लाख रुपये के पेंड्रोल क्लिप और पिन चोरी कर इफ्को आंवला की प्राइवेट रेलवे साइडिंग में छिपा दिए गए थे। मुरादाबाद से सूचना मिलने के बाद जंक्शन की आरपीएफ ने छापा मारकर पेंड्रोल क्लिप बरामद करने के बाद रिटायर सीनियर सेक्शन इंजीनियर दिनेश लोहानी को उसके राजेंद्रनगर स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया था। लोहानी 30 जून को ही रिटायर हुआ था। रिटायरमेंट से एक सप्ताह पहले ही उसने एक ठेकेदार को 20 हजार पेंड्रोल क्लिप और 10 हजार लोहे की पिन बेची थी। जिसे बाद में उसकी निशानदेही पर इफको साइड से बरामद किया गया।
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बीस दिन से आरोपी को तलाश रही थी आरपीएफ
सीबीगंज गोदाम पेंड्रोल क्लिप की चोरी 11 जुलाई को हुई थी जिसकी रिपोर्ट भी जंक्शन के आरपीएफ थाने में दर्ज है। इसके बाद से आरपीएफ आरोपी को तलाश कर रही थी। इफ्को में रेलवे ट्रैक बदलने और मरम्मत करने का ठेका एक प्राइवेट कंपनी को दिया गया था जिसमें सामान भी ठेकेदार को ही लगाना था। ठेकेदार ने रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग से सांठगांठ कर स्टोर से सारा सामान चोरी कराकर इफ्को साइडिंग पहुंचाया था। मंडल सुरक्षा आयुक्त मनोज कुमार के निर्देश पर आरपीएफ के साथ सीआइबी मुरादाबाद को भी लगाया गया था।
छानबीन में पता चला है कि आरोपी सेक्शन इंजीनियर ने दस हजार पेंड्रोल क्लिप मुरादाबाद और पांच हजार चंदौसी भेजने के कागज तैयार किए थे। पांच हजार पेंड्रोल क्लिप एक और स्टेशन को भेजने के अधूरे कागज भी मिले हैं। जांच में पता चला कि 20 हजार पेंड्रोल क्लिप इनमें से किसी स्टेशन पर नहीं भेजे गए। - विपिन कुमार सिसौदिया, आरपीएफ इंस्पेक्टर जंक्शन
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