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ईपास बनाने वाले दलालो की धररपकड को एसडीएम ने की छापे मारी, तीन के लैपटाप मोबाइल जब्त किये

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बिना बाधा बार्डर पार करते यूपी के लोग। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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ई-पास बनाने वाले दलालों की धरपकड़ को एसडीएम ने मारा छापा
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तीन लैपटॉप और मोबाइल जब्त, कुछ लोगों को चेतावनी देकर छोड़ा

बहेड़ी। देवरनियां से लेकर उत्तराखंड बार्डर तक दलालों के अवैध ई-पास सेंटरों पर सोमवार को एसडीएम रमेश चंद्र ने पुलिस बल के साथ छापे मारे। कार्रवाई से दलालों में भगदड़ मच गई। वे अपना सारा तामझाम छोड़कर भाग गए। पुलिस ने इस दौरान तीन लैपटॉप, प्रिंटर, मोबाइल जब्त कर लिए।
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अमर उजाला ने दलालों के ई-पास सेंटर स्थापित कर की जा रही उगाही की खबर छापी तो सोमवार को प्रशासन हरकत में आ गया। कुछ दलाल तो खबर पढ़ते ही अपना तामझाम समेटकर खिसक गए, लेकिन कुछ सोमवार को हुई धरपकड़ के दौरान एसडीएम के हत्थे चढ़ गए। एसडीएम ने मंडनपुर, डंडिया, बाईपास रोड से लेकर उत्तराखंड बॉर्डर तक छापे मारे। इस दौरान तीन लैपटॉप के अलावा कई मोबाइल और प्रिंटर जब्त किए गए। कुछ लोगों को पुलिस ने चेतावनी देकर छोड़ दिया। शाम को एसडीएम ने देवरनियां इलाके में छापे मारे। उन्होंने देवरनियां पुलिस को दलालों की धरपकड़ के आदेश दिए। एसडीएम ने उत्तराखंड पुलिस से भी दलालों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है।

उत्तराखंड पुलिस के बैरियर के पास मिले दो दलाल

बहेड़ी। उत्तराखंड पुलिस ने पुलभट्ठा के पास बैरियर लगा रखा है। यहां ई-पास चेक किए जाते हैं। उत्तराखंड के दो युवा यहां कार सवारों के ई-पास बना रहे थे। वे पहले तो अमर उजाला की टीम देखकर वहां से खिसक गए, लेकिन कुछ देर बाद ही बैरियर के पास बैठकर ई-पास बनाने लगे। बाद में उत्तराखंड पुलिस ने उन्हें वहां से भगा दिया।

अब उत्तराखंड जाने के लिए ई-पास जरूरी नहीं

बहेड़ी। उत्तराखंड सरकार ने सोमवार देर शाम ई-पास की बाध्यता को पूरी तरह से समाप्त कर दिया। अब देहरादून स्मार्ट सिटी एप पर केवल रजिस्ट्रेशन कराने के बाद उत्तराखंड आ जा सकते हैं। सीमाओं पर बैरियर लगे रहेंगे। यहां पुलिस रजिस्ट्रेशन चेक करेगी। किसी तरह की इंट्री कराने या ई-पास दिखाने का अब कोई झंझट नहीं रहेगा। शाम करीब छह बजे यह आदेश आने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है।

ई-पास के नाम पर उगाही करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया गया था। इन लोगों पहले भी कई बार चेतावनी दी जा चुकी थी। अब पुलिस को इनकी निगरानी करने के लिए कहा गया है। अगर अब कोई ई-पास के नाम पर उगाही करते पकड़ा गया तो उसे जेल भेजा जाएगा। उत्तराखंड सरकार ने सोमवार शाम से ई-पास की बाध्यता भी खत्म कर दी है। - राजेश चंद्र, एसडीएम बहेड़ी।

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