पेंड्रोल क्लिप के साथ पकड़ा गया सीनियर सेक्शन इंजीनियर।
बरेली। सीबीगंज के रेलवे गोदाम से बीस लाख रुपये के पेंड्रोल क्लिप और पिन चुराकर बेच देने के आरोप में आरपीएफ ने महीना भर पहले ही रिटायर हुए सीनियर सेक्शन इंजीनियर (रेलपथ) दिनेश प्रकाश लोहानी को गिरफ्तार किया है। लोहानी की निशानदेही पर इफ्को साइड से बेचे गए पेंड्रोल क्लिप बरामद करने के बाद उसे रेलवे कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
जंक्शन की आरपीएफ ने लोहानी को रविवार को उसके राजेंद्रनगर स्थित आवास से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि जून के आखिरी सप्ताह में उसने एक ठेकेदार को बीस हजार पेंड्रोल क्लिप और दस हजार लोहे की पिन बेची थीं। इसके बाद उसकी निशानदेही पर इफ्को साइड से पेंड्रोल क्लिप को बरामद कर ली गईं। सोमवार को लोहानी को जंक्शन के रेलवे कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। आरपीएफ इंस्पेक्टर विपिन सिसौदिया ने बताया कि सीबीगंज रेलवे गोदाम से पेंड्रोल क्लिप और पिन चुराकर बेचे जाने की सूचना मिली थी। छानबीन में पता चला कि चोरी में 30 जून को ही रिटायर हुए सीनियर सेक्शन इंजीनियर दिनेश प्रकाश लोहानी का हाथ है। इसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया।
इंस्पेक्टर ने बताया कि इफ्को साइड में पटरियों के पेंड्रोल क्लिप बदले जाने थे जिसका इफ्को प्रबंधन ने एक ठेकेदार को ठेका दिया था। लोहानी ने रिटायरमेंट से एक सप्ताह पहले इसी ठेकेदार को पेंड्रोल क्लिप बेच दिए। उन्होंने बताया कि सीबीगंज गोदाम में जगह न होने के कारण पेंड्रोल क्लिप गोदाम के बाद खुले में पड़े हुए थे।
मुरादाबाद और चंदौसी स्टेशनों पर दिखाई सप्लाई
आरपीएफ की छानबीन में पता चला कि रिटायर्ड सेक्शन इंजीनियर ने दस हजार पेंड्रोल क्लिप मुरादाबाद और पांच हजार चंदौसी भेजे जाने के फर्जी कागज तैयार किए थे। इसके अलावा एक और स्टेशन को पांच हजार पेंड्रोल क्लिप भेजने के अधूरे कागज भी मिले हैं। जांच में पता चला कि पेंड्रोल क्लिप किसी भी स्टेशन को नहीं भेजे गए। अब आरपीएफ गोदाम के बाकी स्टॉक की भी जांच कर रही है।