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जल निगम के लिपिक समेत तीन के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट

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बरेली नगर निगम
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आठ सितंबर की रात कार्यालय में मिला था कर्मचारी गुलाबराय का खून से लथपथ शव
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कनपटी में लगी थी गोली, विवाद के चलते जताया परिवार ने हत्या का शक

बरेली। जल निगम के कर्मचारी गुलाब राय की गोली लगने से मौत के मामले में कार्यालय के लिपिक खेमानंद पांडेय, दाऊ दयाल पांडेय और उसके लड़के वैष्णोदत्त शर्मा पर हत्या का शक जताते हुए थाना प्रेमनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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रिपोर्ट गुलाब राय की पत्नी गुड्डी उपाध्याय ने लिखाई है। गुड्डी का कहना है कि उनके पति गुलाब राय वर्ष 2014 में दोनों पैरों से दिव्यांग होने के बावजूद ड्यूटी कर रहे थे। जल निगम के लिपिक खेमानंद पांडेय ने उनके पति से कहा कि कहा अगर वह अपने वेतन का कुछ हिस्सा उन्हें देंगे तो घर बैठकर नौकरी कर सकते हैं। अपनी स्थिति को देखते हुए गुलाब राय ने खेमानंद का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। मगर कुछ समय बाद गुलाब राय ने रुपये देने बंद कर दिए। इससे नाराज होकर खेमानंद ने उनके विरोधी दाऊ दयाल पांडेय और उसके लड़के वैष्णोदत्त शर्मा से साठगांठ कर ली और उनके कार्यालय संबंधी कार्यों में रुकावट डालना शुरू कर दिया। साथ ही उनके मुकदमे के अभियुक्त दाऊ दयाल पांडेय और वैष्णोदत्त शर्मा को कार्यालय में बैठाने लगा। गुलाब राय ने इसकी शिकायत एक्सईएन संजय कुमार से की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद डीएम कार्यालय में भी शिकायत की।

घटना वाले दिन कार्यालय में बताई आरोपियों की मौजूदगी

गुड्डी का आरोप है कि इन्हीं शिकायतों के चलते आरोपियों ने उनके पति गुलाब राय को अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। 24 अगस्त को उनके पति को धमकाकर आरोपियों ने कोर्ट में भी पेश नहीं होने दिया। धमकी दी कि अगर वह कोर्ट में पेश हुए तो उन्हें जेल भिजवा दिया जाएगा। आरोप लगाया कि आठ सितंबर को दोनों आरोपी जल निगम कार्यालय आए थे। उनके पति ने फोन पर इस संबंध में उन्हें सूचना भी दी थी। इसके दो घंटे बाद उन्हें सूचना मिली कि उनके पति की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। गुड्डी का कहना है कि उन्हें शक है कि उनके पति की हत्या लिपिक खेमानंद पांडेय, दाऊ दयाल पांडेय और उसके लड़के वैष्णोदत्त शर्मा ने की है। प्रेमनगर पुलिस ने उनकी तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
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