दोपहर में एडीजी से मिले थे छात्रा के परिजन, सीओ को सौंपी गई जांच
बरेली। चार दिन फजीहत होने के बाद सुभाषनगर पुलिस ने आखिर छात्रा से दुष्कर्म होने की बात मान ली है और मुकदमे में इसकी धारा बढ़ा दी है। धारा बढ़ाने के लिए पुलिस ने अब छात्रा के बयान को ही आधार माना है। इससे पूर्व बृहस्पतिवार को छात्रा के परिजन ने एडीजी अविनाश चंद्र से मुलाकात कर पुलिस पर हीलाहवाली करने के आरोप लगाए तो उन्होंने सीओ द्वितीय आशीष प्रताप सिंह को जांच सौंप दी।
गौरतलब है कि शनिवार को सरेशाम अपने मामा के घर जा रही बीए की छात्रा को सुभाषनगर में रहने वाले करन, उसके भांजे राज गिल और दो दोस्तों ने घर में खींच लिया था। आरोप है कि करन ने उसके साथ दुष्कर्म किया। मगर डरी-सहमी छात्रा ने घटना वाले दिन दुष्कर्म की बात नहीं बताई, लिहाजा उसके मामा ने शनिवार रात में पुलिस को छेड़छाड़ की तहरीर दी। मथुरा गई मां के लौटने के बाद छात्रा ने पूरा घटनाक्रम बताया जिसके बाद रविवार को दुष्कर्म की तहरीर दी। तब तक पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी लेकिन दुष्कर्म की तहरीर मिलते ही शनिवार को दी गई तहरीर के आधार पर छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज कर ली।
हंगामे पर दिया था मेडिकल के बाद धारा बढ़ाने का आश्वासन
इससे आक्रोशित छात्रा के परिवार और समाज के लोगों ने सुभाषनगर थाने का घेराव करके जमकर हंगामा किया। मामला बिगड़ते देख पुलिस ने मेडिकल और बयान के आधार पर मुकदमे में दुष्कर्म की धारा बढ़ाने की बात कही। फिर छात्रा का मेडिकल और धारा 164 के बयान कराए गए। बयान में छात्रा ने करन पर दुष्कर्म के आरोप लगाए लेकिन पुलिस ने मेडिकल में दुष्कर्म की पुष्टि न होने का हवाला देकर धारा नहीं बढ़ाई। इसके चलते यह मामला मीडिया में लगातार सुर्खियां बना रहा।
पुलिस ने सुनाई कई कहानियां
मुकदमे में दुष्कर्म की धारा बढ़ाने के बजाय पुलिस तरह-तरह की कहानियां बनाने में लगी रही। कभी तर्क दिया गया कि मेडिकल की सप्लीमेंट्री रिपोर्ट आएगी और डॉक्टर के दोबारा बयान लिए जाएंगे तो कभी स्वतंत्र साक्षियों के बयान लेने की बात कही गई। मौके पर जाकर भी पुलिस ने लोगों से पूछताछ की।
डरा रहा पीड़ित पक्ष, आरोपी धमकाते रहे
पीड़ित पक्ष का कहना है कि पुलिस ने अब तक एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। आरोपी पक्ष लगातार उन्हें धमकी दे रहा है। मगर पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के बजाय दुष्कर्म के मामले को छेड़छाड़ साबित करने में जुटी है। बुधवार को वे लोग शिकायत लेकर एसएसपी कार्यालय पहुंचे लेकिन वह नहीं मिले। इस पर बृहस्पतिवार को छात्रा के परिजन एडीजी अविनाश चंद्र से मिले तो उन्होंने सीओ द्वितीय आशीष प्रताप सिंह को मामले की जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद शाम को मुकदमे में दुष्कर्म की धारा बढ़ा दी गई।
महिला संगठनों में भी आक्रोश
इस मामले में पुलिस की ढिलाई को लेकर महिला संगठनों में भी आक्रोश है। महिला जागृति मंच की अध्यक्ष डॉ. मनु नीरज का कहना है कि इस मामले में सुभाषनगर पुलिस का रवैया शुरू से ही ठीक नहीं था। वह बृहस्पतिवार को भी छात्रा के घर गई थीं लेकिन उनका परिवार एडीजी से मिलने गया था।
सुभाषनगर थाने में दर्ज मुकदमे में छात्रा के धारा 164 के बयान के आधार पर दुष्कर्म की धारा बढ़ा दी गई है। मुकदमे की निगरानी मैं स्वयं कर रहा हूं। - आशीष प्रताप सिंह, सीओ द्वितीय