विप्रो, इंफोसिस, टीसीएस आने से ढाई हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार
बरेली। बंद पड़ी आईटीआर फैक्टरी की जमीन पर आईटी पार्क (सॉफ्टवेयर टेकभनोलॉजी पार्क) बसने का रास्ता साफ हो गया है। जमीन की रजिस्ट्री के लिए शासन की ओर से दस करोड़ का बजट जिला प्रशासन को दे दिया गया है। शासन स्तर पर औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इसी हफ्ते जमीन की रजिस्ट्री हो जाएगी। जिला प्रशासन ने इसकी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
जिला प्रशासन के मुताबिक आईटी पार्क बसाने के लिए शासन स्तर से ही सारी कवायद की जा रही है। इसी साल मार्च में शासन से दस करोड़ रुपये की मंजूरी मिली थी जिसके बाद कानपुर के उद्योग निदेशक और यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कारपोरेशन लिमिटेड के अफसरों की सक्रियता बढ़ी। बजट स्वीकृत होने के बाद आईटी पार्क का खाका खींचने के लिए कमिश्नर आर रमेश कुमार ने भी दिलचस्पी दिखाई। जून में हुई बैठक में इसका खाका पेश करने के साथ जमीन की रजिस्ट्री होते ही तेजी से निर्माण शुरू करने के निर्देश दिए गए थे।
दरअसल, आईटी पार्क के लिए कंपनी एक्ट के तहत एक बोर्ड का गठन कर शक्ति हस्तांतरित करनी है। कमिश्नर ने बोर्ड गठित करने के लिए अफसरों को निर्देशित किया था। उन्होंने रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माणदायी संस्था को तेजी से निर्माण करने को भी कहा है ताकि आईटी फील्ड के एक्सपर्ट बरेली में तैयार हो सकें और बरेली में बने सॉफ्टवेयर आईटी उद्योग को आगे बढ़ाने में सफल हो सकें।
सॉफ्टवेयर कंपनियों से हो चुकी है बात
बताते हैं कि आईटी पार्क बसाने के लिए शासन स्तर से यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स के अधिकारी सॉफ्टवेयर कंपनियों के लगातार संपर्क में हैं। विप्रो, टीसीएस, इंफोसिस कंपनियों ने सहमति जता दी है। इसके बाद बरेली में इन्हीं कंपनियों के सॉफ्टवेयर सबसे पहले विकसित करने की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। बरेली के अलग-अलग कॉलेेजों में इन कंपनियों के प्रतिनिधि लगातार रिक्रूटमेंट के लिए संपर्क में रहते हैं। इसका लाभ बरेली के युवाओं को मिलेगा। बता दें कि शुरुआत में आईटी करने वाले करीब ढाई हजार युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
चार नहीं अब एक एकड़ में होगा निर्माण
पहले आईटी पार्क को आईटीआर फैक्टरी की करीब चार एकड़ जमीन पर बसाया जाना प्रस्तावित था लेकिन बजट की अड़चन के चलते अब उसे एक एकड़ में बसाने पर सहमति बनी है। इसके लिए शासन की टीम ने पिछले दिनों मुआयना कर लिया है। निर्माण के लिए बंगला नंबर दस के पास की जमीन फाइनल हो चुकी है। डीएम नितीश कुमार ने बताया कि आईटी पार्क बसाने के लिए अब कोई अड़चन नहीं है। बजट मिल चुका है। शासन स्तर से चल रही औपचारिकता पूरी होने के बाद संस्तुति मिलते ही जमीन की रजिस्ट्री भी करा ली जाएगी। आगे की सारी कवायद शासन स्तर से ही पूरी की जाएगी।