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लाल फाटक डायवर्जनः चौपुला पर बढ़ा ट्रैफिक का दबाव, जाम में फंस रहे लोग

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लाल फाटक बंद होने के कारण चौपुला पुल पर वाहनों का लोड बढ़ने के कारण लग रहा है जाम। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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चौपुला ओवरब्रिज से उतरते ही जाम में फंस रहे हैं वाहन

बरेली। सोमवार से डायवर्जन लागू कर लाल फाटक से होकर वाहनों का आवागमन रोक दिया गया है। इससे बदायूं आने-जाने वाले वाहन चौपुला होकर गुजर रहे हैं। ऐसे में यहां ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है। लिहाजा चौपुला पर जाम लगने लगा है।
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लाल फाटक पर ओवरब्रिज के निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए भारी वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया गया है। इससे लाल फाटक के रास्ते से बदायूं जाने-आने वाला पूरा ट्रैफिक रामगंगा से चौपुला होकर गुजर रहा है। लिहाजा अब यहां जाम की गंभीर स्थिति बनने लगी है। यातायात का दबाव बढ़ने से पुराने चौपुला पुल से चढ़ते और उतरते समय जाम लग रहा है। चोपुला ओवरब्रिज और अटल सेतु के नीचे टेंपो, ईको, डग्गामार मैक्स गाड़ियों को बेतरतीब ढंग से खड़े करके सवारियां भरी जाती हैं। इससे जाम के हालात और भयावह हो रहे हैं।

प्राइवेट बसों को गन्ना मिल पर नहीं रोका जा रहा

एसपी ट्रैफिक ने चौपुला, पटेल चौक और चौकी चौराहा पर जाम की स्थिति न बनने देने के लिए बाहरी डिपो की रोडवेज बसों के साथ ही प्राइवेट बसों को गन्ना मिल पर रोकने के निर्देश दिए हैं। गन्ना मिल पर तैनात ट्रैफिक पुलिस बाहरी डिपो की रोडवेज बसों को तो शहर में आने से रोक लेती है, लेकिन प्राइवेट बसों को ‘अर्थपूर्ण’ ढंग से आगे जाने की अनुमति दे देती है। यह बसें बरेली कॉलेज चौराहे तक पहुंचती हैं। इससे वहां भी जाम लगा रहता है।

टेंपो वाले वसूल रहे मनमाना किराया

गन्ना मिल से रोडवेज, बरेली कॉलेज और श्यामगंज चौराहा तक डायवर्जन से पहले टेंपो वाले 10 रुपये प्रति यात्री के हिसाब से किराया लेते थे, लेकिन डायवर्जन के बाद बाहरी डिपो की रोडवेज बसों के गन्ना मिल के सामने रुकने पर टेंपो वालों ने किराया 20 रुपये के हिसाब से वसूलना शुरू कर दिया है। ऐसे में यात्रियों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।

बरेली, रुहेलखंड डिपो की बसों ने कम नहीं किया किराया

लाल फाटक से होकर आने जाने पर रोडवेज की बसों को 150 रुपये टोल टैक्स देना पड़ता था। रोडवेज की बसों में यह धनराशि यात्रियों से वसूली जाती थी। डायवर्जन लागू होने के बाद यह तय किया गया कि टोल टैक्स का पैसा टिकट में कम कर दिया जाएगा। आगरा, मथुरा, कासगंज आदि डिपो की बसों में तो किराया तीन रुपये कम कर दिया गया है, लेकिन रुहेलखंड, बरेली और बदायूं डिपो की बसों में आज भी यात्रियों से किराया 65 रुपये ही वसूला जा रहा है।
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