बोला: जैसे दरोगा की हत्या की, वैसे ही तुझे उड़ा देंगे, तमंचा और नौ कारतूस बरामद
राजमिस्त्री का काम करने वाले रामरहीस ने घटिया टाइल्स लगाने पर टोकने पर धमकाया था
बरेली। कटरी के दुर्दांत डकैत कल्लू यादव के बगलगीर सरगना नरेशा धीमर के भाई रामरहीस उर्फ रहीस को कैंट पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है। सेवानिवृत सैन्यकर्मी के मकान घटिया टाइल्स लगाने पर रामरहीस को जब टोका तो उसने धमकाया, बोला-दरोगा की हत्या के बाद भी जब उसका कुछ नहीं बिगड़ा तो तुम क्या चीज हो। वह इन दिनों राजमिस्त्री के रूप में काम कर रहा था।
कांधरपुर निवासी राजेंद्र सिंह महीने भर पहले ही सेना से सेवानिवृत हुए हैं। अभी तक वह किराये पर रह रहे हैं, पड़ोस में ही प्लॉट लेकर नया मकान बनवा रहे हैं। उन्होंने कांधरपुर में रहने वाले राजमिस्त्री रामरहीस उर्फ रहीस को मकान में टाइल्स लगाने का ठेका दिया था। वह टाइल्स खराब लगीं तो उन्होंने मिस्त्री बदल दिया। शनिवार सुबह राजेंद्र सिंह की मोहल्ले में ही रामरहीस से मुलाकात हो गई। यहां उन्होंने घटिया काम पर ऐतराज जताया तो रामरहीस उखड़ गया। दोनों में बहस होने लगी। आरोप है कि रामरहीस ने कहा कि वह नरेशा धीमर का भाई है उसे हल्के में न लें। कहा कि जलालाबाद में दरोगा की हत्या भी कर चुका है। उसमें दस साल सजा काटकर आया है। उसका कुछ नहीं कर सकेंगे। तब राजेंद्र सिंह ने इंस्पेक्टर कैंट धर्मेंद्र कुमार को इसकी सूचना दी। इंस्पेक्टर ने तत्काल पुलिस भेजकर रामरहीस को गिरफ्तार करा लिया। थाने में वह खुद को निर्दोष बताने लगा। कहा कि वह शरीफों की जिंदगी बसर करके मिस्त्री का काम कर रहा है। उस पर गलत आरोप लगाया गया है। पुलिस ने उसके पास से 315 बोर का तमंचा व नौ कारतूस भी बरामद दिखाए हैं। फिलहाल राजेंद्र सिंह ने तहरीर नहीं दी तो रामरहीस को शांतिभंग और आर्म्स एक्ट में निरुद्ध कर कोर्ट में पेश किया, अदालत ने उसे जेल भेज दिया।
जलालाबाद के एसएसआई की हत्या में था शामिल
देखने में दुबला पतला सा दिखने वाला रामरहीस अपने भाई नरेशा धीमर के साथ कल्लू गिरोह का सक्रिय सदस्य था। कल्लू गैंग के अधिकांश सदस्य कहीं न कहीं दबंगों या पुलिस के सताए हुए थे। यही वजह रही कि कल्लू गिरोह का निशाना कई मौके पर पुलिस रहती थी। कलान के एसओ रहे राजेश पाठक ने शुरुआती दौर में कल्लू को पकड़ लिया था। उन्होंने उसकी थाने में सार्वजनिक रूप से पिटाई की थी। इसके बाद से कल्लू अपराध की दुनिया में उतर गया और उन्हें दुश्मन नंबर एक मानने लगा। जलालाबाद के एसएसआई रहते समय राजेश पाठक कल्लू गैंग से मुठभेड़ में शहीद हो गए थे। रामरहीस इस घटना में शामिल बताया गया और करीब दस साल की सजा काटकर जमानत पर छूटा है। आर्म्स एक्ट समेत दो तीन और मामले उस पर दर्ज हैं। भाई के एनकाउंटर के बाद रामरहीस व उसके साथी कमजोर पड़ गए। वर्ष 2007 में बदमाशों ने एसओजी टीम के सदस्य सिपाही यशवीर सिंह की हत्या कर दी थी।
विजय राणा ने टीम बनाकर किया था कल्लू-नरेशा का सफाया
बरेली रेंज के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट कहे जाने वाले विजय राणा इस समय अमरोहा में सीओ सिटी के रूप में कार्यरत हैं। विजय राणा ने पहले कटरी किंग कल्लू यादव और फिर उसके गिरोह की कमान संभालने वाले नरेशा धीमर को मुठभेड़ में मार गिराया था। पचास हजार का इनामी नरेशा को शाहजहांपुर के सीमावर्ती गांव हीरपुर की कटरी में सात फरवरी 2008 में मारा गया। तब राणा आईजी बरेली की एसओजी के सदस्य थे। नरेशा धीमर के बाद कटरी से डकैतों का आतंक लगभग खत्म हो गया।
अपहरण का बना रखा था धंधा
बदायूं, शाहजहांपुर व बरेली के सीमावर्ती कटरी क्षेत्र में कल्लू यादव और उसके गैंग ने अपहरण की ताबड़तोड़ वारदातें करके आतंक फैला दिया था। कल्लू के साथ ही उसके गुर्गों का खौफ भी कम नहीं था। पुलिस इनके नाम से कांपती थी और इलाके के सेठ साहूकार इनके फरमान पर सब कुछ न्योछावर करने को मजबूर थे। कल्लू, नरेशा के एनकाउंटर के बाद गैंग के बाकी सदस्यों को सजा हो गई तो लोगों को बड़ी राहत मिली।
रामरहीस नाम के आरोपी को तमंचा और कारतूस समेत पकड़कर कैंट पुलिस ने जेल भेजा है। वह किसी बदमाश का भाई बताया जा रहा है। उसका रिकॉर्ड निकलवाया जा रहा है। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी