बरेली के किला क्षेत्र की किशोरी से दुष्कर्म के मामले में कोर्ट ने आरोपी पुजारी दिनेश चंद्र मिश्रा को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। ये घटना 26 अगस्त 2021 को हुई थी। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 18 नवंबर को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी।
दुष्कर्म करने का आरोप साबित होने के बाद अदालत ने मंदिर के 64 वर्षीय पुजारी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। घटना चार महीने पहले ही गुलाबनगर इलाके में हुई थी। केस का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि अदालत ने पुलिस के चार्जशीट दाखिल करने के बाद सिर्फ 16 दिन में फैसला सुना दिया। इसे देश का सबसे त्वरित गति से निस्तारित केस बताया जा रहा है।
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दुष्कर्म के इस मामले में 14 वर्षीय पीड़िता अनुसूचित जाति की है। उसकी मौसी ने थाना किला में उसके हवाले से लिखाई गई एफआईआर में कहा था कि वह 26 अगस्त की रात नौ बजे बाजार की तरफ जा रही थी। रास्ते में पंडित जी के नाम से पहचाने जाने वाला दिनेश चंद्र मिश्रा मिला, जिसने उसे रोका और बहाना बनाकर अपने घर ले गया। घर में कमरे में बंद करने के बाद उसके साथ दुष्कर्म किया और किसी को कुछ भी बताने पर उसे और उसके घरवालों को जान से मारने की धमकी दी।
शनिवार को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट रामदयाल ने 64 वर्षीय दिनेश चंद्र मिश्रा को दोषी करार देते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई और उस पर एक लाख 15 हजार पांच सौ रुपये का जुर्माना भी डाला।
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बता दें कि 26 अगस्त को हुई इस घटना की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी दिनेश चंद्र मिश्रा के खिलाफ 18 नवंबर को अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। 19 नवंबर को उस पर आरोप तय किए गए। इसके बाद अगले दस दिन में 14 गवाहों की गवाही कराई गई। चार दिसंबर को अदालत ने फैसला सुना दिया। इस तरह सिर्फ 13 कार्य दिवस में मुकदमे की सुनवाई पूरी हो गई।