लाभार्थियों को प्रमाण पत्र देते डीएम।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
एलडीपी योजना के तहत 150 महिलाओं को प्रशिक्षण के बाद दिए गए प्रमाणपत्र और टूलकिट
बरेली। स्वयं सहायता समूह चलाने वाली महिलाएं अब खुद के लघु उद्योग स्थापित कर सकेंगी। उद्यमिता विकास के लिए नाबार्ड की ओर से आजीविका एवं उद्यम विकास कार्यक्रम (एलडीपी) योजना के तहत 150 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। इसके साथ ही मॉडल के तौर पर दो स्थायी प्रदर्शन इकाइयां भी स्थापित कराई गई हैं। प्रशिक्षण के बाद अब ये महिलाएं अचार, मसालों समेत अन्य उत्पादों की लघु इकाइयां स्थापित कर सकेंगी।
शनिवार को एलडीपी के तहत बिथरी चैनपुर के परातासपुर गांव में आयोजित कार्यक्रम में डीएम नितीश कुमार ने महिलाओं को प्रशिक्षण प्रमाणपत्र और टूलकिट वितरित कीं। महिला समूहों की ओर से तैयार किए गए उत्पादों की प्रदर्शनी का शुभारंभ भी किया। नाबार्ड के डीडीएम डीके मिश्र ने बताया महिला समूहों से जुड़ीं 150 महिलाओं को घरों में ही लघु इकाइयों की स्थापना कर अचार, मसाले, पापड़ आदि के उत्पादन का प्रशिक्षण दिया गया है। नाबार्ड की ओर से महिला समूहों का कंपनी एक्ट के तहत पंजीकरण भी कराया जाएगा। उत्पादों की ऑनलाइन ब्रिकी कराई जाएगी। कार्यक्रम में एसएसपी रोहित सिंह सजवाण, पीडी डीआरडीए तेजवंत सिंह, एलडीएम राकेश सिसौदिया, किरण शर्मा आदि मौजूद रहीं।
नाबार्ड उपलब्ध कराएगा मशीनें
डीडीएम नाबार्ड ने बताया महिला समूहों को लघु इकाइयों की स्थापना के लिए नाबार्ड की ओर से मशीनें और उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे। लघु इकाइयों की स्थापना के बाद महिलाएं घरों पर ही आय का सृजन कर सकेंगी। उन्होंने बताया कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोकल को वोकल बनाना है। लघु इकाइयों की स्थापना से आने वाले दिनों में अच्छा प्रतिफल मिलेगा।