मोदी ने जिस तरह उनसे मिलकर कुछ देर तक बात की, उससे लोगों को खुद अंदाजा हो गया कि बरेली के बुजुर्ग नेता में अभी दमखम है। यही नहीं, प्रधानमंत्री के बगल में बैठे प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी भी इसे भांपकर कुछ देर के लिए दूर हो गए और दूर बैठे संतोष ने पीएम से गुफ्तगू करते नजर आए।
विरोधियों को इशारा... एकजुटता को बढ़ावा
बरेली में संतोष गंगवार का टिकट कटने के बाद जिस तरह से कुछ दिन से गुटबाजी सामने आ रही थी, उस पर अब विराम लगने की उम्मीद है। हो भी क्यों न? पीलीभीत के कार्यक्रम के जरिये अंदरखाने संतोष के विरोधियों को वरिष्ठ नेताओं ने इशारा कर दिया है, सबका अपना स्थान है। मंच पर संतोष के साथ बरेली सीट से प्रत्याशी छत्रपाल गंगवार से मुलाकात करके भी मोदी ने दोनों की एकजुटता को बढ़ाया है।
छत्रपाल गंगवार ने जितिन प्रसाद को जोड़ा
एक दिन पहले बरेली में पार्टी के अंदर जातिवाद का मुद्दा गरमाने के बाद मंगलवार को पीलीभीत के मंच से सजातियों से जातिवाद न करने की अपील भी की गई। अपील करने वाले थे बरेली के प्रत्याशी छत्रपाल गंगवार। समर्थन ब्राह्मण उम्मीदवार जितिन को देने के लिए कहा। छत्रपाल बोले, कहा जा रहा है कि पीलीभीत में कुर्मी समाज किसी दूसरे को समर्थन करेगा, लेकिन मेरा भरोसा है कि लोग जातिवाद में न फंसकर भाजपा को जिताएंगे।