30 से ज्यादा लोग कैंसर से गंवा चुके हैं जान
200 फुट गहरे बोरिंग वाले हैंडपंप लगे हैं भूरीपुर गांव में
संचालित नहीं हो सका आर्सेनिक रिमूवल प्लांट
ढिलवारी के प्रधान तोरपाल मौर्य के अनुसार पांच साल में इस बीमारी से छह लोगों की मौत हो चुकी है। आर्सेनिक रिमूवल प्लांट अभी संचालित नहीं हो रहा है। इस समय भी गांव में तीन लोग कैंसर से जूझ रहे हैं। इसमें दो महिलाएं स्तन कैंसर से पीड़ित हैं। उनका इलाज जारी है।
ओवरहेड टैंक के निर्माण में भी खानापूर्ति
ग्रामीण शिवकुमार के मुताबिक जल जीवन मिशन के तहत गांव में ओवरहेड टैंक के निर्माण के नाम पर खानापूर्ति की गई है। इसकी टेस्टिंग की तो कई जगह पाइप लाइन में लीकेज मिला। इस वजह से जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी। यदि लोगों को स्वच्छ जल मिलेगा तो गांव की हालत में सुधार आएगा। लेकिन अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
पानी का नमूना लेकर चले जाते हैं अफसर
ग्रामीणों ने बताया कि कई साल पहले गांव में सीएमओ टीम के साथ आए थे। मरीजों के परिजनों से पूछताछ भी की थी। बीमारी से संबंधित कागजात भी देखे थे। इसके बाद कोई नहीं आया। जल निगम, स्वास्थ्य विभाग की टीम आती है। पानी का नमूना लेकर चली जाती है।
अतरछेड़ी : पांच साल में 20 मौतें
मझगवां ब्लॉक की आठ हजार आबादी वाली ग्राम पंचायत अतरछेड़ी में बीते पांच साल में कैंसर से 20 लोगों की मौत हो चुकी है। पांच का अभी इलाज चल रहा है। यह मामला समाधान दिवस में उठा था। ग्रामीणों ने गांव में कैंप लगाने की मांग की थी।
जल निगम को सूचित कर गांवों में पानी की जांच कराई जाएगी। आर्सेनिक रिमूवल प्लांट लगवाने का प्रयास करेंगे। जो भी हो सकता है, किया जाएगा। - विजेता, ब्लॉक प्रमुख रामनगर
गांव में मरीजों की जांच के लिए टीम भेजी जाएगी। अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति है तो वह जांच कराने स्वास्थ्य केंद्र भी आ सकते हैं। - डॉ. सुनील कुमार, सीएचसी प्रभारी आंवला, रामनगर