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रैली में गईं बसें वापस न आने से भटकते रहे यात्री

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बरेली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के लिए रोडवेज बसें सुल्तानपुर भेजने की वजह से पिछले तीन दिनों से रोडवेज बस अड्डों पर अफरा तफरी का माहौल है। बसें मिलने के लिए सवारियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। रविवार और सोमवार के बाद मंगलवार को भी यात्रियों को घंटों बस का इंतजार करना पड़ा।
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रैली के लिए बरेली से 75 बसें भेजी गई हैं। यह बसें तीन दिन पहले यहां से भेजी गईं थी, जिनकी अब तक वापसी नहीं हुई है। बस अड्डे पर सवारियों को बसों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को दोपहर दो बजे सेटेलाइट बस अड्डे पर लखनऊ और दिल्ली समेत ज्यादातर प्रमुख मार्गों पर एक भी रोडवेज बस उपलब्ध नहीं थी। जबकि इन मार्गों के लिए सैकड़ों की संख्या में यात्री बस अड्डे पर मौजूद थे। पीलीभीत, बदायूं और शाहजहांपुर समेत आसपास के दूसरे रूट पर भी यही समस्या बनी हुई थी।
पूछताछ काउंटर पर भी यात्रियों को बसों के संबंध में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा रही थी। रोडवेज बसें उपलब्ध न होने से मजबूरन सवारियों को डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ा। कई लोगों को मजबूरी में यात्रा भी रद्द करनी पड़ गई। यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाकर डग्गामार वाहन संचालकों ने भी मनमाना किराया वसूल किया। बसें न मिलने से परेशान कई यात्रियों ने इस संबंध में रोडवेज के अधिकारियों से भी अपनी शिकायत दर्ज कराई मगर समस्या का निराकरण ही नहीं हो पाया।
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‘बसों की कमी और यात्रियों की संख्या बढ़ने की वजह से दिक्कतें आईं। सभी स्टेशन इंचार्ज को रूट से वापस आने वाली बसों को तुरंत दूसरी जगह भेजने के निर्देश दिए गए थे। रैली के लिए जो बसें भेजी गई थीं, बुधवार सुबह तक वापस आ जाएंगी। इसके बाद बसों की कमी की समस्या को दूर किया जा सकेगा।’
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- आरके त्रिपाठी, क्षेत्रीय प्रबंधक, रोडवेज
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