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छह महीने में एक ही तरीके से नौ हत्याएं : कहीं साइको किलर तो नहीं... हर गांव में अलग कहानी; महिलाएं खौफजदा

Tue, 28 Nov 2023 10:50 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

अमर उजाला की टीम ने सोमवार को शीशगढ़ थाने के गांव जगदीशपुर के साथ ही आनंदपुर व कुल्छा गांव का जायजा लिया। यहां हाल ही में गला कसकर महिलाओं की हत्या के मामले सामने आए हैं। इससे लोगों में खौफ दिखा। 
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इलाके की महिलाओं में खौफ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली के शाही व आसपास के इलाके में एक ही तरीके से नौ महिलाओं की हत्या से खौफ का माहौल है। कुछ अस्पष्ट खुलासों के बावजूद असली कातिल पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। शीशगढ़ इलाके में नौवीं महिला का शव मिला। इससे फिर अफवाहों का बाजार गर्म है। हर गांव में अलग कहानी तैर रही है। कोई इन सभी वारदात के पीछे साइको किलर का हाथ बता रहा है, तो तांत्रिक का जाल। इन सब चर्चाओं के बीच महिलाएं खौफजदा हैं। उन्होंने खेतों पर जाना बंद कर दिया है। 

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अमर उजाला की टीम ने सोमवार को शीशगढ़ थाने के गांव जगदीशपुर के साथ ही आनंदपुर व कुल्छा गांवों का जायजा लिया। यहां हाल ही में गला कसकर महिलाओं की हत्या के मामले सामने आए हैं। आसपास के गांवों में समूह चर्चा इन दिनों आम बात है। पुरुषों, महिलाओं व युवाओं के अलग-अलग समूहों में होने वाली चर्चाओं का विषय एक ही था, खेत पर अकेली जाने वाली महिलाओं की हत्या। गांव की महिलाएं खुद अखबार पढ़ती या बच्चों से पढ़वाती मिलीं।

महिलाओं में दिखी दहशत 
महिलाओं से बात की गई तो खेतों पर अकेले जाने को लेकर उनके चेहरे पर दहशत साफ दिखी। उन्होंने बताया कि खेतों पर काम करना मजबूरी है। गन्ना छिलाई से लेकर गेहूं की बोआई आदि का काम चल रहा है। उसे नहीं छोड़ सकते। हालांकि, जब कोई घटना हो जाती है तो महिलाएं समूह में निकलती हैं। खेतों का ज्यादातर काम पुरुषों ने संभाल लिया है।
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चर्चा के बीच एक बात और सामने आई कि किसी घटना को लेकर एक गांव में जो बातें बताई जा रही हैं, दूसरे गांव में उसी घटना को लेकर लोगों के पास अलग जानकारी है। मतलब कि गांव बदलने के साथ ही घटना में कोई न कोई नई और दिलचस्प बात जोड़ दी जा रही है।

धर्मपुर गौटिया गांव में भी दिखा दहशत - फोटो : अमर उजाला
बे सिर-पैर की चर्चा
पड़ोस के एक गांव में काफी पहले वृद्धा की गला कसकर हत्या हुई थी। धर्मपुर गौटिया गांव की महिलाओं ने बताया कि दादी के साथ नातिन चारा लेने गई थी। नातिन गन्ने के खेत में ज्यादा देर तक रुकी रही। उसके बाहर आने पर दादी ने घर पर शिकायत करने की बात कही। तब नातिन ने गला कसकर दादी की हत्या कर दी। 

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बाद में पुलिस के सामने नातिन ने जुर्म कबूल कर लिया। अमर उजाला की टीम ने जब महिलाओं को यह बताया कि ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया। यह काल्पनिक है। तब उनको अहसास हुआ कि वे गलत जानकारी को चर्चा के जरिये फैला रही थीं। 
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कब-कब मिले शव  
  • 19 जून को शाही के गांव कुल्छा की धानवती का शव गन्ने के खेत में मिला था। 
  • 30 जून को शाही के आनंदपुर गांव की प्रेमवती का शव मिला था। साड़ी से गला घोंटकर हत्या की गई थी। 
  • 22 जुलाई को शाही के गांव खुजरिया निवासी कुसमा देवी का शव मिला था। उनका भी साड़ी से गला कसा गया। 
  • 10 अगस्त को मजरा मुबारकपुर की शांति देवी की हत्या हुई थी। 
  • 23 अगस्त को शाही के सेवा ज्वालापुर निवासी वीरावती का शव मिला था। पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई थी। 
  • 16 अक्तूबर को मीरगंज थाना क्षेत्र के गांव गूला की रेशमा देवी का शव मिला था। 
  • 31 अक्तूबर को शाही से सटे शीशगढ़ के गांव लखीमपुर में 60 साल की महमूदन का शव खेत में मिला था।
  • 20 नवंबर को शाही इलाके में 68 वर्षीय महिला गुलाबो देवी का शव मिला था। इनके गले में भी साड़ी के फंदे से कसा गया था। 
  • 26 नवंबर को शीशगढ़ में 57 वर्षीय उर्मिला देवी का शव गन्ने के खेत में मिला। इनका गला भी साड़ी से कसा गया था। 
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