बरेली। भू अधिग्रहण घोटाले की वजह से बरेली-सितारगंज हाईवे व रिंग रोड दोनों ही परियोजनाएं प्रभावित हो गईं। बरेली-सितारगंज हाईवे के निर्माण में करीब आठ महीने की देरी हो चुकी है। वहीं, मंजूरी अटकने की वजह से रिंग रोड प्रोजेक्ट में करीब डेढ़ साल की देरी हुई। अभी इस प्रोजेक्ट के लिए मुआवजा बांटा जाना है। इसके बाद ही काम शुरू हो पाएगा। हालांकि, अब परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है।
बरेली-सितारगंज हाईवे और रिंग रोड के लिए भू अधिग्रहण में 200 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले का राजफाश हुआ। शासन से अफसरों और अभियंताओं के निलंबन के साथ ही इस मामले में लगातार कार्रवाई की जा रही है, लेकिन इसका सीधा असर विकास पर पड़ा है। एनएचएआई के दोनों प्रोजेक्ट अब निर्धारित समयसीमा में पूरे नहीं हो सकेंगे। संवाद