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गांव में अपना सेंटर खोल सरकारी पोर्टल से बना डाले जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र

सार

12 दिनों में 21 प्रमाण पत्र बनाने वाले दो गिरफ्तार, सभी प्रमाणपत्र किए गए निरस्त
 
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पकड़े गए आरोपी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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एक आरोपी बहेड़ी ब्लॉक में एजेंट के रूप में कर चुका है काम
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पासवर्ड पता होने का लाभ उठाकर दोस्त के साथ मिलकर चला रहा था सेंटर

बरेली। सरकारी साइट पर फर्जी तरीके से जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के मामले में पुलिस ने दो युवकों को मंगलवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से दो लैपटॉप व एक नेट डिवाइस बरामद हुई है। दोनों ने 12 दिनों में करीब 21 प्रमाण पत्र बना डाले। इन्हें बुधवार को जेल भेज दिया गया।
शीशगढ़ नगर पंचायत कार्यालय के कर्मी मुस्तफा अली ने साइबर क्राइम थाने में कुछ समय पहले मुकदमा दर्ज कराया था। मुस्तफा ने बताया कि कुछ लोग जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने वाले सरकारी पोर्टल का अनाधिकृत प्रयोग कर रहे हैं। ये लोग कर्मचारी नहीं हैं, इसके बावजूद गलत तरीके से जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बना रहे हैं। साइबर थाने के इंचार्ज अनिल कुमार सिंह को विवेचना के दौरान पता चला कि बहेड़ी के खगई नागर गांव निवासी रूप कुमार उर्फ बग्गा सिंह व भिलैया गांव निवासी मुकेश कुमार फर्जी तरीके से जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बना रहे हैं। पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया।
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पूछताछ में पता चला कि बग्गा सिंह पूर्व में बहेड़ी ब्लॉक में एजेंट के रूप में काम कर चुका है। इस दौरान उसे पोर्टल का पासवर्ड पता चल गया। इसके बाद रूप कुमार ने मुकेश के साथ मिलकर जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने शुरू कर दिए। पिछले वर्ष से लेकर 19 सितंबर तक दोनों ने करीब 20-21 प्रमाण पत्र बना डाले। इनका फर्जीवाड़ा कभी पकड़ा नहीं जाता अगर शीशगढ़ में रिकार्ड हस्तलिखित नहीं होता। शीशगढ़ नगर पंचायत में जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने वाले मुस्तफा ने देखा कि प्रमाण पत्रों की श्रृंखला में लगातार अंतर आ रहा है, तब उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराई। मुकेश ने गांव में सेंटर खोल रखा था। यहां उसने दो कंप्यूटर रख रखे थे। वहीं से दोनों लोग प्रमाण पत्र बनाते थे। उनके पकड़े जाने के बाद सरकारी पोर्टल से उन प्रमाण पत्रों को अवैध करार देते हुए हटा दिया गया है जो दोनों आरोपियों ने बनाए थे। एक प्रमाण पत्र बनाने के एवज में यह लोग 100 से 200 रुपये तक लेते थे।
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