बरेली। दिल्ली हाईवे पर शंखा पुल के पास मंगलवार को हुए सड़क हादसे में सात लोगों की मौत की घटना की जांच करने यातायात निदेशालय लखनऊ से आई टीम का काम एक और हादसे ने आसान कर दिया। टीम के सामने ही मुरादाबाद की ओर जा रहा एक ट्रक उसी अंधे मोड़ पर बेकाबू होकर डिवाइडर तोड़ता हुआ दूसरी लेन में पलट गया जहां एंबुलेंस सामने से आ रहे ट्रक से भिड़ गई थी।
शंखा पुल के पास मंगलवार को दिल्ली से मरीज को लेकर लौट रही एंबुलेंस इसी तरह बेकाबू होने के बाद डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी लेन पर सामने से आ रहे मिनी ट्रक से जा टकराई थी। इस भीषण हादसे में एंबुलेंस में मौजूद ड्राइवर समेत सात लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। बुधवार को इस हादसे के कारणों की जांच करने यातायात निदेशालय के एएसपी बलवंत कुमार चौधरी और दिल्ली के सेव लाइफ फाउंडेशन के प्रभारी अभिजीत अपनी टीमों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे थे, लेकिन दोपहर करीब तीन बजे उन्हीं के सामने ऐन इसी जगह एक और हादसा हो गया।
कोलकाता के सिलीगुड़ी से कपड़ों की कतरन लेकर मुरादाबाद जा रहा ट्रक ओवरटेक करने के दौरान हाईवे के इसी मोड़ पर बेकाबू होकर डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी लेन में जाकर पलट गया। दुर्घटना के बाद चालक किसी तरह ट्रक से निकलकर फरार हो गया लेकिन हेल्पर अंदर ही फंस गया। पुलिसकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद केबिन तोड़कर उसे बाहर निकाला और इलाज के लिए एंबुलेंस से शहर भेजा। इसके बाद क्रेन बुलाकर ट्रक को थाने भिजवा दिया गया।
दूसरी लेन पर आ रहा होता कोई वाहन तो फिर होता बड़ा हादसा
गनीमत रही कि जिस वक्त ट्रक डिवाइडर तोड़कर दूसरी लेन में जाकर पलटा, उस वक्त दूसरी लेन पर कोई वाहन नहीं गुजर रहा था। अगर इसी दौरान कोई वाहन दूसरी लेन पर भी होता तो एक ही दिन के अंतराल पर बड़ा हादसा हो सकता था। ट्रक के दूसरी लेन में पलटने के बाद मंगलवार की तरह जाम जरूर लग गया। इस वजह से क्रेन से ट्रक को सीधा कराकर थाने भिजवाए जाने तक एक ही लेन पर दोनों तरफ का ट्रैफिक गुजारना पड़ा।
बाहर निकाले जाने तक चीखता रहा हेल्पर
ट्रक के पलटने के बाद उसके ड्राइविंग केबिन में फंसा हेल्पर तारिक बुरी तरह घायल हो गया। इत्तफाक से जांच की वजह से पुलिस मौके पर ही मौजूद थी। पुलिस वालों ने ट्रक के टूटे-फूटे हिस्से को हटाकर देखा तो केबिन में फंसा तारिक दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने राहगीरों की मदद से केबिन काटकर उसे बाहर निकाला। तारिक को गंभीर चोटें लगी थीं जिसकी वजह से उसे तुरंत अस्पताल भिजवा दिया गया।
डेढ़ घंटे की जांच, एएनए कॉलेज मोड़ को माना दुर्घटना की वजह
यातायात निदेेशालय के एएसपी बलवंत कुमार चौधरी और दिल्ली की सेव लाइफ फाउंडेशन के प्रभारी अभिजीत ने एक साथ मिलकर निरीक्षण कर लगातार हादसों के कारण पता करने की कोशिश की। टीम ने इंस्पेक्टर फतेहगंज पश्चिमी संजय सिंह से भी घटना के बारे में जानकारी लेने के साथ माधोपुर निवासी उस युवक से भी पूछताछ की जिसकी आंखोें के सामने एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। उसने बताया कि वह परसाखेड़ा स्थित फैक्टरी में ड्यूटी पर जा रहा था। इसी दौरान एक कार एएनए रोड से अचानक हाईवे पर आई। उसे देखकर एंबुलेंस ड्राइवर भ्रमित हो गया और एंबुलेंस डिवाइडर पार कर दूसरी लेन में आ रहे मिनी ट्रक से टकरा गई। लगभग डेढ़ घंटे तक जांच के दौरान एएनए कॉलेज रोड का काफी देर निरीक्षण किया। मोड़ के दोनों तरफ सड़क पर खड़े होकर जांच पड़ताल के बाद एएसपी ने इसी अंधे मोड़ को हादसे का कारण माना। हालांकि उन्होंने कहा कि हादसे के कारणों पर अभी और मंथन किया जाएगा।
घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर हादसे के कारणों की तलाश की है। अब टीम के साथ मंथन करने के बाद किसी ठोस नतीजा मिल पाएगा। इसके बाद ही घटनास्थल पर तकनीकी सुधार के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। - बलवंत कुमार चौधरी, एएसपी यातायात निदेशालय लखनऊ