बरेली। सहारनपुर की टपरी डिस्टलरी की सील खुलवाने के लिए राजस्व हानि का तर्क देकर अनेजा ग्रुप की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कोई राहत नहीं दी। सुप्रीम कोर्ट ने आबकारी आयुक्त को पुनर्विचार का आदेश दिया है। हालांकि अफसरों की अनेजा पर मेहरबानी बनी हुई है। मनोज जायसवाल का डाउन टाउन बार तो जमींदोज करा दिया गया है लेकिन अनेजा के चार में से किसी बार पर कार्रवाई नहीं की गई है।
पिछले साल मार्च में सहारनपुर की टपरी डिस्टलरी में करीब सौ करोड़ की एक्साइज ड्यूटी की चोरी पकड़ी गई थी। वहां एक ही बिल्टी पर शराब के दो ट्रक निकाले जा रहे थे। डिस्टलरी को सील करने के बाद इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसमें कई आबकारी अफसर भी लपेटे में आए थे। इस मामले में डिस्टलरी मालिक प्रणय अनेजा के अलावा बरेली के शराब कारोबारी मनोज जायसवाल को प्रमुख आरोपी बनाया गया था।
प्रणय अनेजा ने कुछ दिन बाद सीबीआई कोर्ट में सरेंडर कर दिया और अभी वह जेल में ही है। वहीं, मनोज जायसवाल, उसके पार्टनर अजय जायसवाल, पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के साले अश्वनी उपाध्याय समेत 16 लोगों को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
टपरी डिस्टलरी मामला पकड़ में आने के बाद से ही सील चल रही है। स्थानीय स्तर पर कोई राहत नहीं मिली तो अनेजा ग्रुप इसकी सील खुलवाने के लिए हाईकोर्ट चला गया लेकिन वहां भी उसकी याचिका पर कोई राहत नहीं दी गई। फिर वे लोग सुप्रीम कोर्ट पहुंचे और हवाला दिया कि डिस्टलरी सील होने से सरकार को राजस्व की हानि हो रही है। मगर इस पर भी सुप्रीम कोर्ट ने सील खोलने का आदेश न देकर आबकारी आयुक्त को इस संबंध में पुनर्विचार करने का आदेश दिया है।
मनोज का बार सील तो अनेजा के क्यों नहीं : इस मामले में कार्रवाई करने में आबकारी अफसर भी दोहरी नीति अपना रहे हैं। आबकारी विभाग ने मनोज जायसवाल के बरेली में डाउन टाउन बार, उसकी पत्नी कनुप्रिया के नाम पर ईंट पजाया की शराब की दुकान, भाई नीरज जायसवाल की नवादा शेखान और विकास जायसवाल की किला स्थित दुकानों को सील करके लाइसेंस निलंबित कर दिए गए थे।
हालांकि दोषसिद्ध न होने के बहाने बाद में इन्हें बहाल भी कर दिया गया। इसके बाद बीडीए ने मनोज के डाउन टाउन बार की अवैध इमारत को ध्वस्त कर दिया। उसकी दुकानों के लाइसेंस बहाली पर आबकारी आयुक्त ने डीएम को पुनर्विचार का आदेश दिया है। दूसरी ओर अनेजा के चारों बार उसके खास ट्रांसपोर्टर की निगरानी में अफसरों की मेहरबानी से लगातार चल रहे हैं।
इनमें से सुभाषनगर और डीडीपुरम के बार शहर में रहने वाले कपड़ा, होजरी, कॉस्मेटिक और किराना के कारोबारी चला रहे हैं। मनोज जायसवाल पर कार्रवाई करने वाले आबकारी अफसरों के प्रणय अनेजा के बार पर कार्रवाई न करने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि कहा जा रहा कि इस मामले में जांच कर रही एसआईटी मनोज के बाद अब अनेजा के शराब बार पर भी कार्रवाई करा सकती है।
हाईकोर्ट ने नहीं दी प्रणय को जमानत : टपरी डिस्टलरी का मालिक प्रणय अनेजा इस मामले में अभी जेल में है। बताया जाता है कि स्थानीय कोर्ट से राहत न मिलने पर उसने हाईकोर्ट में जमानत की अर्जी दाखिल की, उसकी याचिका रद्द कर दी गई है। अब उसके परिजन सुप्रीम कोर्ट में जमानत अर्जी लगाने की तैयारी कर रहे हैं।