सुनवाई के लिए बार-बार बुलाए जाने पर भी अपना पक्ष रखने नहीं पहुंची शहला ताहिर
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पालिकाध्यक्ष पर लटकी बर्खास्तगी की तलवार, पक्ष रखने को मिला तीस दिन का समय
बरेली/नवाबगंज। आखिरकार तीन साल तक चली जांच पड़ताल और सुनवाई के बाद नवाबगंज नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष शहला ताहिर का जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया है। निरस्तीकरण का नोटिस उनके आवास पर चस्पा कर निर्वाचन आयोग को जानकारी दे दी गई है। शहला की ओर से तीस दिन में अपना पक्ष नहीं रखे जाने पर पालिकाध्यक्ष पद से बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाने की चेतावनी दी है।
नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष शहला ताहिर की जाति को लेकर कोई प्रमाण ना मिलने के कारण पिछड़ा वर्ग आयोग ने जिलाधिकारी बरेली से जांच आख्या की मांगी थी। इसमें साक्ष्य ना मिलने पर और लगातार सुनवाई के लिए बुलाए जाने के बावजूद गैरहाजिर रहने पर जाति प्रमाण पत्र निरस्त करने का निर्णय हुआ। मामले में तहसीलदार ने पालिकाध्यक्ष के आवास पर नोटिस चस्पा करा दिया है। बता दें कि नवाबगंज नगर पालिका के अध्यक्ष का पद पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित था और स्वयं को पिछड़ी जाति मोमिन अंसार का बताकर ही शहला ताहिर ने चुनाव लड़ा और जीत भी गई। प्रतिद्वंद्वी रहे भाजपा नेता नीरेंद्र सिंह राठौर का आरोप है कि शहला ताहिर सामान्य वर्ग की हैं, जबकि उनके पति डॉ. मोहम्मद ताहिर पिछड़ी जाति के हैं। नीरेंद्र ने चुनाव के बाद इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों समेत शासन स्तर और पिछड़ा वर्ग आयोग से की थी।
आयोग के आदेश पर बरेली जिलाधिकारीसमेत उनके मूल निवास आगरा के जिलाधिकारी स्तर से इसकी जांच की जा रही थी। तीन साल तक चली इस जांच में शहला ताहिर की ओर से पक्ष में कोई भी अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया गया और ना ही वह सुनवाई में पहुंची। जिसकी रिपोर्ट आयोग को जिलाधिकारी नितीश कुमार ने भेज दी थी। जिस पर अब शहला ताहिर की जाति की पुष्टि के सापेक्ष प्रमाण ना मिलने पर गठित समिति ने प्रमाण पत्र निरस्त करने का निर्णय लिया है। जिसका नोटिस जिला प्रशासन के निर्देश पर तहसीलदार ने शहला ताहिर के आवास पर चस्पा कर दिया है।
बार-बार नोटिस देकर सुनवाई के लिए बुलाया गया पर अपना पक्ष रखने के लिए वह उपस्थित नहीं हुईं। जाति की पुष्टि के संबंध में कोई प्रमाण पत्र ना मिलने से निरस्त कर दिया गया है। जिसकी सूचना निर्वाचन आयोग को भेज दी है। नियमानुसार तीस दिन के भीतर वह अपना पक्ष प्रस्त़ुत कर सकती हैं। - नितीश कुमार, जिलाधिकारी