मां ने दिया हौसला, बेटा बना आईएएस
यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले शोहम टीबडेवाल ने बताया कि वह दिल्ली में नौकरी करते थे। उनकी मां सीमा का सपना था कि वह देश की सेवा करें। मां ने हौसला दिया तो शोहम ने नौकरी छोड़ दी। वह वापस बरेली आ गए। मां के कहने पर यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी।
शोहम ने बताया कि तैयारी के दौरान मां मेरी हर छोटी-बड़ी जरूरतों का ध्यान रखती थीं। मुझे कोई परेशानी न हो, इसके लिए मां ने कई पारिवारिक आयोजनों में शिरकत नहीं की। अपने सपनों को छोड़कर मां ने बेटे के लिए कामयाबी की राह तैयार की। शोहम ने बताया कि उनके आईएएस बनने में उनसे ज्यादा उनकी मां का योगदान रहा।
मां ने निभाई पिता की जिम्मेदारी
नौ वर्ष की आयु में दीपक सक्सेना के सिर से पिता का साया उठ गया था। दीपक ने बताया कि उसके बाद मां मुनीश कुमारी को पिता जी की जगह रोडवेज में नौकरी मिल गई। मां ने अथक परिश्रम व संघर्ष कर तीन बच्चों को पाला। दो बेटियों को स्नातक तक पढ़ाया। इसके बाद उनकी शादी कराई। वर्ष 2019 में वह सेवानिवृत हो गईं पर जिम्मेदारी कम नहीं हुई थी। वह दीपक को हौसला देती रहीं। जून 2023 में दीपक को सरकारी नौकरी मिल गई तो मां ने राहत की सांस ली। इस दौरान उन्होंने बच्चों को कभी पिता की कमी महसूस नहीं होने दी।
मां-बेटी का अनोखा प्यार
मां बेटी का रिश्ता अनोखा होता है। मां बेटी पर तो बेटी भी मां के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने के लिए तैयार रहती है। इनरव्हील क्लब मर्करी की अध्यक्ष रचना सक्सेना ने बताया कि पिछले महीने उनके जन्मदिन पर उनकी बेटी ने गुल्लक तोड़कर पैसे निकाल लिए। एक सुंदर सी साड़ी ऑनलाइन मंगाकर उनको उपहार में दी। छोटी बच्ची के दिल में मां के प्रति प्यार देखकर मन प्रसन्न हो गया।